क्या इस्तीफे के बाद बरेली सिटी मजिस्ट्रेट को बनाया बंधक? अलंकार अग्निहोत्री के आरोप पर DM की सफाई

अलंकार अग्निहोत्री का दावा है कि डीएम आवास पर उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया था. इस दौरान उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया. हालांकि, जिला प्रशासन ने इस आरोप का खंडन किया है.

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अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली डीएम पर लगाया बड़ा आरोप (Photo: ITG) अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली डीएम पर लगाया बड़ा आरोप (Photo: ITG)

समर्थ श्रीवास्तव

  • बरेली,
  • 27 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:17 AM IST

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अपने पद से इस्तीफा देने के बाद चर्चा में हैं. अब उन्होंने बंधक बनाने का संगीन आरोप लगाया है. उनका दावा है कि बरेली डीएम आवास में 45 मिनट तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया.

अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मुझे डीएम आवास पर बातचीत के लिए बुलाया गया था. इस दौरान मैं 45 मिनट तक बंधक था. मैंने तुरंत सचिव साहब को कॉल किया कि मुझे यहां बंधक बनाकर रखा गया है. उनकी प्लानिंग थी कि रातभर मैं बंधक रहूं. मैंने जब कप्तान साहब और डीएम साहब को इसकी (बंधक होने) जानकारी दी, तब मुझे आननफानन में छोड़ दिया गया.'
 
उन्होने कहा, 'इस दौरान लखनऊ से एक कॉल भी आया था. उसमें मेरे लिए कहा गया कि पंडित पागल हो गया है. कॉल पर मुझे गाली भी दी जा रही थी.'

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आरोप पर ये बोले बरेली के डीएम 
हालाकि अलंकार के आरोप का बरेली डीएम (अविनाश सिंह) ने खंडन किया है. जिला प्रशासन की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, आवास पर बातचीत बहुत सौहार्दपूर्ण माहौल में कई अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हुई. यह बातचीत करीब 45 मिनट चली, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के कारण जानने की कोशिश हुई.

बंधक बनाने के आरोप पर एडीएम (न्यायिक) देश दीपक सिंह ने कहा, 'अलंकार अग्निहोत्री के आरोप बेबुनियाद हैं. उन्हें सामान्य व्यवहार में बुलाया गया था और कॉफी पिलाते हुए बात हुई. हम लोग उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे थे. उन्हें चाय पिलाई गई और मिठाई खिलाई गई. अग्निहोत्री ने जो आरोप लगाया, वे बिल्कुल गलत हैं. ऐसी कोई बात नहीं हुई.'

इस सारे विवाद के बीच बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दे चुके अलंकार अग्निहोत्री ने अपना ज्यादातर सामान आधी रात को करीब 12:30 बजे निकाल लिया. खुद भी कार में बैठकर किसी अज्ञात स्थान की तरफ चले गए. हालांकि, अभी उन्हें विधिवत सिटी मजिस्ट्रेट का चार्ज हैंडओवर करना है. जिससे यह चर्चा है कि उन्हें एक-दो दिन शहर में और रहना होगा.

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इधर,  शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने फोन पर अलंकार अग्निहोत्री से फोन पर बात की. 'अविमुक्तेश्वरानंद ने उनसे कहा, धर्म और सेवा का असली पद अब आपके लिए खुला है. आपकी जिम्मेदारी अब समाज में और बड़ी है.'

अलंकार ने इस्तीफा देने की बताई वजह
बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने यूपी सरकार पर 'ब्राह्मण विरोधी' होने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों और बुजुर्ग संन्यासियों के साथ दुर्व्यवहार, विशेषकर उनकी शिखा (चोटी) का अपमान, बर्दाश्त के बाहर है.

अग्निहोत्री ने यूजीसी के 13 जनवरी के नए नियमों पर भी आपत्ति जताई, जिसके तहत सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ 'समता समिति' के माध्यम से फर्जी शिकायतों और शोषण की आशंका जताई गई है.

इस्तीफा भेजने के बाद उन्होंने कहा कि यह कदम ब्राह्मण समाज के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए उठाया है. यह नियम एकतरफा हैं और जनरल छात्रों के करियर और व्यक्तिगत जीवन को जोखिम में डाल सकते हैं. उन्होंने सभी ब्राह्मण सांसदों और विधायकों से तत्काल इस्तीफा देने और जनता के साथ खड़े होने की अपील की. 

(कृष्ण राज के इनपुट्स के साथ)

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