'भाजपाई गैस एजेंसी और पेट्रोल पंपों के आगे क्यों नहीं बैठ जाते?' Fuel Crisis को लेकर भड़के अखिलेश

अखिलेश यादव ने एलपीजी और तेल किल्लत पर भाजपा को घेरते हुए इसे 'भाजपाइयों की कालाबाजारी' करार दिया. उन्होंने तंज कसा कि आपदा में अवसर तलाशने वाले भाजपाई अब लाइनों में लगे लोगों की मदद क्यों नहीं कर रहे? सपा मुखिया ने डिप्टी सीएम को अपना 'अंडरग्राउंड गोदाम' बताने की चुनौती भी दी.

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अखिलेश यादव ने यूपे के 2027 चुनाव को लेकर दिया बड़ा संकेत (Photo: PTI) अखिलेश यादव ने यूपे के 2027 चुनाव को लेकर दिया बड़ा संकेत (Photo: PTI)

aajtak.in

  • लखनऊ ,
  • 27 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:27 PM IST

एलपीजी किल्लत के बीच सपा मुखिया अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर तंज कसा है, साथ ही कुछ सवाल भी पूछे हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी और सेवा का दावा करनेवाले भाजपाई और उनके संगी-साथी अब कहां नदारद हैं? गैस और तेल की लाइन में लगे लोगों को समझाने और सिलेंडर व तेल दिलवाने के लिए वो गले में भाजपा का पट्टा और गाड़ियों पर पार्टी का झंडा लगाकर क्यों नहीं निकल रहे हैं? अखिलेश ने यह भी पूछा कि वो (डिप्टी सीएम) ‘स्टूल’ लगाकर गैस एजेंसी और पेट्रोल पंपों के आगे क्यों नहीं बैठ जाते?

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अखिलेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि उत्तर प्रदेश के भाजपाई डिप्टी सीएम के बयान से ये साबित हो गया है कि सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी भाजपाई ही कर रहे हैं. डिप्टी CM का दावा है कि ‘जिसके यहाँ सिलेंडर न हो वो हमारे ययहां सूचना भेज दे, हम सिलेंडर भिजवा देंगे’. इस संदर्भ में आग्रह है कि वो अपना फोन नंबर सोशल मीडिया पर डाल दें या अपने घर, कार्यालय या फिर सीधे अपने जमाखोरी वाले अंडरग्राउंड गोदाम का पता ही दे दें.

भाजपा से पूछे सवाल- 

* दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी और सेवा का दावा करनेवाले भाजपाई और उनके संगी-साथी अब कहां नदारद हैं?
* ⁠गैस और तेल की लाइन में लगे लोगों को समझाने और सिलेंडर व तेल दिलवाने के लिए वो गले में भाजपा का पट्टा और गाड़ियों पर भाजपा का झंडा लगाकर क्यों नहीं निकल रहे हैं?
* ⁠वो ‘स्टूल’ लगाकर गैस एजेंसी और पेट्रोल पंपों के आगे क्यों नही बैठ जाते?

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सपा मुखिया ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सच तो ये है कि भाजपाई और उनके संगी-साथी हमेशा की तरह भूमिगत हो गये हैं. जब भाजपाई कहते हैं कि ‘आपदा में अवसर’ होता है तो इसका मतलब और क्रोनोलॉजी समझिए:

* पहले लोगों को परेशान करो
* ⁠'संकट है संकट है' का प्रचार करो
* ⁠जितना हो सके भय पैदा करो
* ⁠कमी-किल्लत को लगातार बढ़ाओ
* ⁠लंबी-लंबी लाइन लगवाओ
* ⁠लाइन में झगड़े करवाओ
* ⁠आस्तीनी मीडिया से दुष्प्रचार करवाओ
* आनेवाले दिनों की किल्लत बताओ
* ⁠कमी के लिए किसी और को दोषी ठहराओ
* ⁠लोग डरकर सामान के लिए भागेंगे
* ⁠जब जनता आए तो दाम बढ़ा दो
* ⁠ऐसे में संकट को आपदा बताओ
* ⁠डरे हुए लोगों को और डराओ
* ⁠फिर दाम कई गुना और बढ़ा दो
* ⁠पिछले दरवाज़े से सप्लाई करवाओ
* ⁠कालाबाजारी करके बेतहाशा पैसे कमाओ

दरअसल, भाजपाई और उनके संगी-साथियों के लिए ‘अवसर’ का असली मतलब है : कालाबाजारी करके अकूत दौलत कमाना. भूख और धूप से तस्त्र लोग भाजपा के महाझूठ से और भी अधिक क्रोधित हो रहे हैं. भाजपा की सोच ही काला-कारोबारी है. इसलिए भाजपा हटाओ, सुख-चैन पाओ.

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