आगरा में अवैध शराब तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए एम्बुलेंस का सहारा लिया. आमतौर पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए इस्तेमाल होने वाली एम्बुलेंस को तस्करों ने अपने काले कारोबार का जरिया बना लिया. थाना बसई अरेला क्षेत्र में आगरा पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने एम्बुलेंस के अंदर छुपाकर रखी गई लाखों रुपये की अवैध अंग्रेजी शराब भी बरामद की है.
एसीपी गिरीश कुमार के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि हरियाणा मार्का की अवैध शराब की सप्लाई की जाने वाली है. सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में चेकिंग अभियान शुरू किया. इसी दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध एम्बुलेंस पर पड़ी, जिसे रोककर पूछताछ की गई. एम्बुलेंस चालक ने पुलिस को बताया कि वह अस्पताल की एम्बुलेंस है और दूसरे अस्पताल से मरीज को लेने जा रहा है.
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चेकिंग में खुला राज, एम्बुलेंस में मिली लाखों की शराब
पुलिस को चालक की बात पर शक हुआ, जिसके बाद एम्बुलेंस की तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान एम्बुलेंस के अंदर से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई. पुलिस ने मौके पर ही एम्बुलेंस में मौजूद दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया. पूछताछ में आरोपियों की पहचान आगरा के जगनेर क्षेत्र निवासी प्रताप सिंह और राहुल कुशवाह के रूप में हुई है.
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि वे एम्बुलेंस का इस्तेमाल कर अवैध शराब की तस्करी करते थे. उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस होने के कारण पुलिस को उन पर शक नहीं होता था, इसलिए उन्होंने इस तरीके को अपनाया. आरोपी हरियाणा से शराब लाकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करते थे और इस बार बरामद शराब प्रयागराज ले जाई जा रही थी.
47 पेटी शराब और एम्बुलेंस बरामद, आरोपियों को भेजा जा रहा जेल
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 47 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 60हजार रुपये बताई गई है. इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एम्बुलेंस को भी जब्त कर लिया गया है. पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है. पुलिस मामले से जुड़े अन्य संभावित नेटवर्क और तस्करी के कनेक्शन की भी जांच कर रही है.
नितिन उपाध्याय