चार दिन से बंद बिरयानी शॉप, फ्रीजर में कहां से आई लाश? लखनऊ में ब्लू ड्रम के बाद एक और कांड

लखनऊ के बीकेटी क्षेत्र में वेज बिरयानी की दुकान के फ्रीजर में 38 वर्षीय विजय पाल का शव मिलने से सनसनी फैल गई. दुकान चार दिनों से बंद थी, जिससे दुर्गंध नहीं फैली. मृतक शराब का आदी था. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, लेकिन क्राइम सीन सुरक्षित न रखने पर सवाल उठ रहे हैं.

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लखनऊ के बीकेटी में फ्रीजर में मिली लाश (Photo- ITG) लखनऊ के बीकेटी में फ्रीजर में मिली लाश (Photo- ITG)

अंकित मिश्रा

  • लखनऊ ,
  • 01 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST

लखनऊ में अभी मानवेंद्र सिंह हत्याकांड का मामला ठंडा नहीं पड़ा था कि एक और वारदात ने शहर में सनसनी फैला दी. दरअसल, बीकेटी थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वेज बिरयानी की एक दुकान के फ्रीजर में एक युवक का शव बरामद हुआ. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. फिलहाल, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

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आपको बता दें कि बीकेटी थाना क्षेत्र में एक निजी कॉलेज के सामने स्थित शनि रावत की वेज बिरयानी की दुकान में रविवार सुबह फ्रीजर के भीतर युवक का शव मिला. बताया जा रहा है कि दुकान मालिक के पिता की मौत के चलते यह दुकान पिछले चार दिनों से बंद थी. फ्रीजर में शव रखे होने के कारण दुर्गंध नहीं फैली, जिससे घटना का पता देर से चला.

पुलिस की जांच में मृतक की पहचान 38 वर्षीय विजय पाल के रूप में हुई है. वह बीकेटी के किशनपुर मजरा मदारीपुर, इन्दौरा बाग का निवासी था और मेहनत-मजदूरी कर जीवनयापन करता था. परिजनों के अनुसार, करीब पांच साल पहले उसका पत्नी से अलगाव हो गया था, जिसके बाद वह अकेले रहने लगा और शराब का आदी हो गया था. शनिवार को वह घर के पास देखा गया था, इसके बाद पुलिस से घटना की सूचना मिली. 

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घटना के बाद पुलिस ने शव को तो पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन जिस फ्रीजर में शव मिला था, उसे मौके पर ही छोड़ दिया गया. इसके चलते वहां आने-जाने वाले लोग क्राइम सीन पर मौजूद फ्रीजर और अन्य सामान को छूते नजर आए. इसे लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

मृतक के चचेरे भाई भानू ने बताया कि विजय पाल पहले वाई-फाई से जुड़ा काम करता था और कुछ समय दिल्ली में भी रहा. लंबे समय से वह बीकेटी इलाके में ही रह रहा था. उसकी एक बेटी है, जो पत्नी के साथ रहती है.

इस पूरे मामले पर गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि दुकान में रखे फ्रीजर से बरामद शव की जांच और शव परीक्षण की प्रक्रिया के दौरान मृतक की जेब से आधार कार्ड मिला. उन्होंने बताया कि शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है. मामले की जांच के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई जारी है.

गौरतलब है कि लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में बीबीए छात्र अक्षत प्रताप सिंह ने 19 फरवरी की तड़के अपने पिता मानवेंद्र सिंह की लाइसेंसी राइफल से सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी. यह वारदात पारिवारिक विवाद और रुपयों के लेनदेन को लेकर हुई बहस के बाद अंजाम दी गई. आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए और कुछ भाग नीले ड्रम में भर दिए थे. फ़िलहाल, आरोपी अरेस्ट है. जांच-पड़ताल जारी है. 

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