अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर यूपी के इस जिले में 40 दिन का शोक, शिया समुदाय ने काम-काज किया ठप

Shia Community Protest: अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद उत्तर प्रदेश के शिया समुदाय के लोगों में गहरा आक्रोश है. कई जिलों में समुदाय ने इस हमले को अमेरिका और इजरायल की कायराना हरकत बताते हुए शोक और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बहिष्कार का ऐलान किया है.

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अमेठी में शिया समुदाय का प्रदर्शन (Photo- ITG) अमेठी में शिया समुदाय का प्रदर्शन (Photo- ITG)

अभिषेक कुमार त्रिपाठी

  • अमेठी ,
  • 01 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 3:29 PM IST

उत्तर प्रदेश के अमेठी में शिया समुदाय के लोग ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर सड़कों पर उतर आए. शिया धर्मगुरु मौलाना जिशान हैदर अली ने समुदाय की ओर से 40 दिनों के शोक का आधिकारिक पैगाम जारी किया है. विरोध स्वरूप स्थानीय लोगों ने अपनी दुकानों और दैनिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करने का निर्णय लिया. समुदाय के लोगों का मानना है कि अमेरिका और इजरायल ने पीठ पीछे वार करके खामेनेई पर हमले को अंजाम दिया है. इस घटना के बाद पूरे जिले के शिया बाहुल्य इलाकों में माहौल गमगीन और तनावपूर्ण बना हुआ है.

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40 दिन का शोक और कार्यों का बहिष्कार

अमेठी के शिया समुदाय में इस घटना को लेकर जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है. मौलाना जिशान हैदर अली ने कहा कि अयातुल्ला  खामेनेई की शहादत पर पूरा समुदाय दुखी है. शोक प्रकट करने के लिए अगले 40 दिनों तक कोई भी उत्सव नहीं मनाया जाएगा. स्थानीय निवासी वकार अली जैदी के अनुसार, जालिम हुकूमतें सबको डराना चाहती हैं, लेकिन यह शहादत बेकार नहीं जाएगी. विरोध जताने के लिए आज लोगों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं और कामकाज से दूरी बनाए रखी.

ये भी पढ़ें- '...हर घर से खामेनेई निकलेगा', ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत पर लखनऊ में जबरदस्त प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे शिया समुदाय के हजारों लोग 

अमेरिका और इजरायल पर 'कायराना' हमले का आरोप

धर्मगुरुओं और स्थानीय लोगों ने अमेरिका व इजरायल की कड़ी निंदा की है. मौलाना जिशान ने कहा कि ये देश हमेशा से पीठ पीछे वार करते आए हैं. उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि पिछले 1900 वर्षों से जब भी कोई न्याय के लिए खड़ा हुआ, उसका खून बहाया गया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भले ही खामेनेई शहीद हो गए हों, लेकिन उनके विचार कभी खत्म नहीं होंगे. उनका मानना है कि यह हमला सिर्फ एक नेता पर नहीं बल्कि एक विचारधारा पर किया गया है.

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ईरान के जज्बे और संघर्ष का संकल्प

प्रदर्शन के दौरान भावुक कर देने वाले दृश्य सामने आए, जहां लोगों की आंखों में आंसू और दिल में आक्रोश था. मौलाना ने संकल्प दोहराते हुए कहा कि जब तक ईरान का एक भी बच्चा जीवित है, तब तक वह पीछे नहीं हटेगा और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए डटा रहेगा. समुदाय के युवाओं का कहना है कि वे सत्य और न्याय की इस लड़ाई में एकजुट हैं. प्रशासन भी जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि शांति बनी रहे.

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