दुर्गा मंदिर ध्वस्त, हटाई जा रही मूर्तियां... सीतापुर में सड़क चौड़ीकरण की जद में आया 25 साल पुराना टेंपल

सीतापुर के चुंगी चौराहे पर सड़क चौड़ीकरण के लिए 25 साल पुराने दुर्गा मंदिर को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रतिमा को सुरक्षित स्थानांतरित किया गया. प्रशासन के अनुसार, पुजारी की सहमति से यह कदम उठाया गया है, हालांकि कुछ स्थानीय लोगों ने समय न देने पर नाराजगी जताई.

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सीतापुर में सड़क से हटाया जा रहा मंदिर (Photo- ITG) सीतापुर में सड़क से हटाया जा रहा मंदिर (Photo- ITG)

अरविंद मोहन मिश्रा

  • सीतापुर ,
  • 30 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:36 PM IST

सीतापुर के चुंगी चौराहे पर स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर को सड़क चौड़ीकरण परियोजना के कारण हटाया जा रहा है. प्रशासन ने रविवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विधि-विधान के साथ प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया है.

शहर कोतवाली क्षेत्र के चुंगी चौराहे पर स्थित लगभग 25 वर्ष पुराने दुर्गा मंदिर को सड़क चौड़ीकरण परियोजना के चलते स्थानांतरित किया जा रहा है. प्रशासनिक टीम ने रविवार को नायब तहसीलदार महेंद्र तिवारी की देखरेख में दुर्गा प्रतिमा को विधि-विधान के साथ हटाने की प्रक्रिया शुरू की. प्रतिमा को बिना किसी क्षति के निकालने के लिए सावधानीपूर्वक छेनी और हथौड़ी का उपयोग किया गया. एडीएम नीतीश कुमार सिंह और एसडीएम दामिनी एम दास की मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया. मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोगों की सहमति के बाद इस ढांचे को हटाकर सड़क विस्तार का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है.

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दो दिनों में नई जगह स्थापित होंगी मां दुर्गा

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रतिमा को पूरी सुरक्षा के साथ निकाला जा रहा है और अगले दो दिनों के भीतर इसे नए निर्धारित स्थान पर फिर से स्थापित कर दिया जाएगा. प्रतिमा विस्थापन का कार्य संपन्न होते ही मंदिर के पुराने ढांचे को जमींदोज कर दिया जाएगा ताकि सड़क चौड़ीकरण का रुका हुआ काम तेजी से आगे बढ़ सके. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात रहा.

स्थानीय लोगों की नाराजगी और प्रशासनिक सतर्कता

हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर इलाके में कुछ विरोध के स्वर भी सुनाई दिए. स्थानीय निवासी अखिलेश पांडेय सहित कुछ नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासन से कुछ दिनों का अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन उनकी मांग पर विचार नहीं किया गया. फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले. अधिकारियों का दावा है कि विकास कार्य के हित में अधिकांश लोगों के सहयोग से ही यह कदम उठाया गया है.

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