चीन में बीमार होने पर सड़क पर दवाइयां क्यों फेंकते हैं?

चीन में कुछ लोग पारंपरिक दवाइयों के बचे हुए हिस्से सड़क पर फेंकते हैं. इसके पीछे पुरानी मान्यताएं और लोक कथाएं जुड़ीं हैं, जिनके अनुसार ऐसा करने से बीमारियां दूर हो सकती हैं.

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कुछ लोग यह भी मानते हैं कि अगर दवा के अवशेष पर दूसरे लोग चलेंगे, तो बीमारी दूर हो जाएगी. ( Photo: Pexels) कुछ लोग यह भी मानते हैं कि अगर दवा के अवशेष पर दूसरे लोग चलेंगे, तो बीमारी दूर हो जाएगी. ( Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 3:51 PM IST

चीन में एक ऐसी परंपरा देखने को मिलती है, जो सुनने में थोड़ी अजीब लग सकती है. कई जगहों पर लोग पारंपरिक चीनी दवाइयों (जड़ी-बूटियों) के बचे हुए हिस्से को सड़क पर फेंक देते हैं. यह कोई गलती या कचरा फैलाने की आदत नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक खास मान्यता और पुरानी कहानी जुड़ी हुई है.

SCMP वेबसाइट के अनुसार, चीन में पारंपरिक दवाइयों (जिसे TCM यानी Traditional Chinese Medicine कहा जाता है) को लोग घर पर पकाते हैं. जब दवा तैयार हो जाती है, तो जो जड़ी-बूटियां बच जाती हैं, उन्हें कुछ लोग सड़क पर फेंक देते हैं. उनका मानना होता है कि अगर लोग या गाड़ियां उस पर से गुजरेंगी तो बीमारी दूर हो सकती है. यह सुनने में अजीब जरूर लगता है, लेकिन यह एक पुरानी मान्यता (belief) है, जिसे कुछ लोग आज भी मानते हैं.

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इस परंपरा की शुरुआत कैसे हुई?
इस परंपरा की जड़ें एक पुरानी लोककथा से जुड़ी मानी जाती हैं, जो Tang Dynasty (618–907) के समय की है. उस समय एक प्रसिद्ध वैद्य थे, जिनका नाम Sun Simiao था. उन्हें 'चीन का चिकित्सा राजा' भी कहा जाता था.

एक कहानी के अनुसार एक बार उन्होंने देखा कि एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने घर के बाहर दवा के बचे हुए हिस्से फेंक रहा था. जब उन्होंने जांच की, तो पता चला कि उस व्यक्ति ने गलत दवा ली थी. फिर उन्होंने सही दवा दी और वह ठीक हो गया. इस घटना के बाद लोगों को लगा कि अगर कोई डॉक्टर इन दवाओं को देखे या उन पर ध्यान दे, तो बेहतर इलाज मिल सकता है.

दूसरी मान्यता क्या है?
कुछ लोग यह भी मानते हैं कि अगर दवा के अवशेष पर दूसरे लोग चलेंगे, तो बीमारी दूर हो जाएगी. यह एक तरह का अंधविश्वास है, जो पीढ़ियों से चला आ रहा है. एक चीनी कहावत भी है दवा लेते ही बीमारी खत्म हो जाती है.इसका मतलब यह माना जाता है कि दवा का असर तुरंत होता है. आज भी कुछ बुजुर्ग लोग इस परंपरा को मानते हैं और दवाइयों के बचे हिस्से को सड़क पर डालते हैं.

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हालांकि अब समय बदल गया है-कई लोग इस परंपरा को गलत मानते हैं. सोशल मीडिया पर लोग इसके खिलाफ जागरूकता फैला रहे हैं. कुछ लोग कहते हैं कि इससे दूसरों को नुकसान भी हो सकता है. इस परंपरा को लेकर लोगों की अलग-अलग राय है. एक व्यक्ति ने कहा-अगर इससे बीमारी दूर होती है, तो क्या इससे दूसरों को नुकसान नहीं होगा?  दूसरे ने कहा-बीमारी ठीक करने के लिए अच्छे काम करना ज्यादा जरूरी है, न कि दवा सड़क पर फेंकना. किसी ने मजाक में पूछा- क्या पश्चिमी दवाओं के डिब्बे सड़क पर फेंकने से भी वही असर होगा?

यह परंपरा दिखाती है कि कैसे पुराने समय की मान्यताएं आज भी लोगों के व्यवहार को प्रभावित करती हैं. लेकिन आज के समय में साइंस और सही जानकारी ज्यादा जरूरी है. अंधविश्वास से बचना चाहिए और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए.इसलिए, भले ही यह परंपरा दिलचस्प हो, लेकिन इसे समझदारी और जागरूकता के साथ देखना जरूरी है.

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