'संडे भी खराब किया और बाजार भी...' बजट आने के बाद लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शन!

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट 2026 भाषण जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया और पर्सनल टैक्सेशन पर कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ, सोशल मीडिया तुरंत एक्टिव हो गया. देखते ही देखते मिडिल क्लास का दर्द फनी मीम्स के जरिये सामने आने लगा.

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 मिडिल क्लास की निगाहें बस एक चीज ढूंढ रही थीं-टैक्स राहत (Photo: PTI and Social media grab) मिडिल क्लास की निगाहें बस एक चीज ढूंढ रही थीं-टैक्स राहत (Photo: PTI and Social media grab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:49 PM IST

यूनियन बजट डे अब सिर्फ आंकड़ों, टैक्स स्लैब और लंबे भाषणों तक सीमित नहीं रहा है. जैसे ही वित्त मंत्री ने बजट 2026 पेश किया, सोशल मीडिया पर भी हलचल शुरू हो गई. भाषण शुरू होने से पहले ही X और इंस्टाग्राम पर मीम्स आने लगे. इनमें मिडिल क्लास की टेंशन, निवेशकों की उम्मीदें और आम लोगों के डर भी शामिल था. बजट डे ने एक बार फिर दिखा दिया कि भारत में लोग अब बड़े आर्थिक ऐलानों को पहले हंसी में बदलते हैं और बाद में समझते हैं.

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सोशल मीडिया पर छाए Budget 2026 के मीम्स

इस बार बजट की सबसे ज्यादा चर्चा भाषण से ज़्यादा मीम्स की वजह से हुई. कई यूजर्स पहले से ही पूरी तैयारी में थे. कुछ ने तो वित्त मंत्री के बोलना शुरू करने से पहले ही अपने रिएक्शन पोस्ट कर दिए. एक वायरल मीम में लिखा था-मिडिल क्लास टैक्स राहत की उम्मीद लगाए बैठा रह गया. और इसे देखकर सैलरीड लोग तुरंत रिलेट करने लगे.

 

किसी ने मज़ाक में लिखा कि मिडिल क्लास को तो कुछ मिला ही नहीं. मुश्किल से ऑफिस में छुट्टियां मिलती हैं, लेकिन बजट देखने में वो भी आधी बीत गई. कई ने तो यह तक कहा कि संडे भी बेकार चला गया.

मिडिल क्लास की निगाहें बस एक चीज़ ढूंढ रही थीं-टैक्स राहत. जैसे-जैसे भाषण आगे बढ़ा और पर्सनल टैक्स में कोई बड़ा ऐलान नहीं आया, सोशल मीडिया पर निराशा मीम्स के रूप में फूट पड़ी. कुछ ही मिनटों में X और इंस्टाग्राम मीम्स से भर गए. कई मीम्स ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ के सीन पर बने थे, जो उम्मीद, ड्रामा और फिर निराशा को बेहद मजेदार तरीके से दिखा रहे थे.

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आइए देखते हैं कुछ दिलचस्प मीम्स

 

 

अपने नौवें लगातार बजट में वित्त मंत्री ने तीन कर्तव्यों के आधार पर सरकार की आर्थिक दिशा बताई. इस बार हेल्थकेयर और बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग बड़े फोकस में रहे. अगले पांच सालों में इन सेक्टरों पर 10,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि भारत को बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स का वैश्विक हब बनाया जा सके. कागज़ पर ये योजनाएं काफी महत्वाकांक्षी और भविष्य की सोच वाली नज़र आईं.


कई मीम्स ने मिडिल क्लास के लगातार जारी संघर्ष को फनी अंदाज में पेश किया. कुछ ने बजट की तुलना उस कहानी से कर दी जिसमें ट्विस्ट आने की उम्मीद बहुत होती है, लेकिन अंत में कुछ बदलता ही नहीं. लोग बढ़ती महंगाई और राहत न मिलने की बात को मीम्स और पॉप-कल्चर रेफरेंस के जरिए शेयर करते रहे.

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