ऑस्ट्रेलिया के वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में 28 मार्च को ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने लोगों को हैरान कर दिया. दिन के समय अचानक आसमान गहरे लाल रंग में बदल गया. शार्क बे और डेनहम जैसे इलाकों में चारों तरफ लाल धूल की चादर छा गई, जिससे सड़कें, घर और समुद्र का किनारा तक लाल नजर आने लगा.
इस अजीब और डरावने नजारे के पीछे वजह बना ट्रॉपिकल साइक्लोन नरेल. ABC न्यूज के मुताबिक, तेज हवाओं ने रेगिस्तानी इलाके की आयरन-रिच लाल मिट्टी को हवा में उड़ा दिया. जैसे ही यह धूल आसमान में फैली, सूरज की रोशनी उसके बीच से गुजरते हुए स्कैटर हुई और पूरा आसमान खून जैसा लाल दिखने लगा.
क्या हुआ था उस दिन?
27 मार्च को साइक्लोन नरेल वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के नॉर्थ-वेस्ट कोस्ट पर पहुंचा. हवाओं की रफ्तार 250 किमी/घंटा तक दर्ज की गई. तेज हवाओं के चलते विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई और लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हो गए.
स्थानीय लोगों ने इस मंजर को “इनक्रेडिबली ईरी” और “अपोकैलिप्टिक” बताया. शार्क बे कैरावन पार्क ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बाहर का माहौल बेहद अजीब और डरावना है, हर चीज धूल से ढकी हुई है.
नुकसान कितना हुआ?
साइक्लोन का सबसे ज्यादा असर एक्समाउथ शहर में देखा गया. एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा.हजारों घरों की बिजली चली गई
कई घरों की छतें उड़ गईं. नावें डूब गईं. इसके अलावा शेवरॉन, वुडसाइड और सैंटोस जैसे बड़े गैस प्लांट भी प्रभावित हुए, जिससे ऊर्जा उत्पादन पर असर पड़ा.हालांकि बाद में साइक्लोन को ट्रॉपिकल लो में डाउनग्रेड कर दिया गया, लेकिन भारी बारिश और बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है.
लाल आसमान क्यों दिखा?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस इलाके की मिट्टी में आयरन ऑक्साइड (लोहे की जंग) की मात्रा ज्यादा होती है. साइक्लोन की तेज हवाओं ने इस लाल धूल को ऊंचाई तक पहुंचा दिया. जब सूरज की रोशनी इस धूल से टकराई, तो पूरा आसमान लाल नजर आने लगा. इसे एक दुर्लभ लेकिन प्राकृतिक घटना माना जा रहा है.नासा की सैटेलाइट तस्वीरों में भी साइक्लोन नरेल का पूरा ट्रैक साफ देखा गया है.
सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?
इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. कई यूजर्स ने इसे बेहद डरावना बताया. कुछ लोगों ने लिखा कि 2026 सच में किसी फिल्म जैसा लग रहा है किसी ने इसे एंड टाइम्स वाइब्स बताया. वहीं किसी का कहना था कि क्या ये कोई संकेत है?हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक घटना है, लेकिन इसकी तीव्रता और पैटर्न पर क्लाइमेट चेंज का असर हो सकता है.
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट?
क्लाइमेट साइंटिस्ट्स मानते हैं कि ग्लोबल हीटिंग की वजह से साइक्लोन पहले से ज्यादा ताकतवर और अनोखे रास्तों पर चल रहे हैं. साइक्लोन नरेल का तीन अलग-अलग क्षेत्रों से गुजरना भी इसी बदलते पैटर्न की ओर इशारा करता है.
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