क्या है मजीद ब्रिगेड, जिसका नाम सुनते ही ही थर्रा जाती है पाकिस्तान की आर्मी!

मजीद ब्रिगेड की पहचान आत्मघाती हमलों से जुड़ी है. 2011 में बनी इस यूनिट ने पिछले एक दशक में पाकिस्तान की कई संवेदनशील जगहों को निशाना बनाया है.

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BLA ने ब्लूचिस्तान के 10 शहरों पर कब्जे का दावा किया है. (Photo: ITG) BLA ने ब्लूचिस्तान के 10 शहरों पर कब्जे का दावा किया है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:31 PM IST

बलोचिस्तान एक बार फिर बड़े हमलों और लगातार बढ़ते विद्रोह की वजह से सुर्खियों में है. बलोच लिबरेशन आर्मी द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन हेरोफ 2.0 ने पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा तंत्र को जोरदार झटका दिया है. एक साथ कई शहरों में हमले किए गए, चौकियों पर कब्जा किया गया और कई जगहों पर सेना को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा. इस हमले में BLA की तीन मुख्य यूनिट्स-मजीद ब्रिगेड, फतेह स्क्वाड और STOS—ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की. इनमें से सबसे ज्यादा खतरा और चर्चा मजीद ब्रिगेड ने पैदा की है, जो आत्मघाती हमलों के लिए कुख्यात है.

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मजीद ब्रिगेड… नाम लेते ही कांप उठती है पाकिस्तानी आर्मी

2011 में बनी मजीद ब्रिगेड को BLA की 'स्पेशल फोर्सेज यूनिट' माना जाता है. इस यूनिट की पहचान टारगेट्स पर आत्मघाती हमले करना है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान के कई संवेदनशील ठिकानों पर हुए सबसे बड़े हमलों के पीछे इसी ब्रिगेड का हाथ रहा है. 2020 में कराची स्टॉक एक्सचेंज पर धमाका और 2024 में कराची एयरपोर्ट पर आत्मघाती हमला इन सभी घटनाओं में मजीद ब्रिगेड शामिल रही है. 


कैसे बनी मजीद ब्रिगेड 

मजीद ब्रिगेड की स्थापना 2010-2011 के दौरान BLA के पूर्व नेता असलम अचू ने की थी. इस यूनिट का नाम दो भाइयों मजीद लंगोव सीनियर और मजीद लंगोव जूनियर के नाम पर रखा गया था. मजीद लंगोव सीनियर 1974 में जुल्फिकार अली भुट्टो पर हमले की कोशिश के दौरान मारे गए थे, जबकि मजीद लंगोव जूनियर 2010 में सुरक्षा बलों के छापे के दौरान मारे गए. इन दोनों के सम्मान में बनाई गई यह फिदाई यूनिट आगे जाकर BLA की सबसे आक्रामक शाखा बन गई.

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हेरोफ 2.0 में मजीद ब्रिगेड की भूमिका

ऑपरेशन हेरोफ 2.0 में मजीद ब्रिगेड ने सबसे निर्णायक भूमिका निभाई. इस ऑपरेशन में शामिल फिदाईन हमलावरों में महिलाएं भी थीं. हवा बलोच और असिफा मेंगल जैसी महिला फिदाईन ने ग्वादर और नुश्की में ISI और सीटीडी के ठिकानों पर VBIED (वाहन-आधारित बम) हमले किए. BLA की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस ऑपरेशन में उनके 18 लड़ाके मारे गए, जिनमें 11 मजीद ब्रिगेड के फिदाईन शामिल थे. इससे साफ है कि ऑपरेशन की रीढ़ यही यूनिट थी.

अमेरिका की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय दबाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजीद ब्रिगेड को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. 2025 में संयुक्त राज्य अमेरिका ने BLA और मजीद ब्रिगेड दोनों को औपचारिक रूप से Foreign Terrorist Organization (FTO) घोषित किया. इसके बाद से इन दोनों संगठनों की गतिविधियों पर वैश्विक निगरानी और दबाव बढ़ गया है

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