डेढ़ लाख किराया और 23 लोगों के साथ शेयरिंग... ऐसी है इस शहर में रहने की चुनौती

हडसन नदी  के किनारे बसा न्यूयॉर्क को 'उम्मीदों का शहर' कहा जाता है. यहां के अवसर और संभावनाएं हर किसी को अपनी ओर खींचती हैं. चाहे आप करियर बनाने का सपना देखते हों, कला की दुनिया में अपना नाम करना चाहते हों, या बिजनेस में सफलता की ऊंचाइयों को छूना चाहते हों. न्यूयॉर्क हर ख्वाब को हकीकत में बदलने का मौका देता है.

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न्यूयॉर्क का ख्वाब और रहना कितना आसान( Representaive Image-Pexel) न्यूयॉर्क का ख्वाब और रहना कितना आसान( Representaive Image-Pexel)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:46 PM IST

हडसन नदी  के किनारे बसा न्यूयॉर्क को 'उम्मीदों का शहर' कहा जाता है. यहां के अवसर और संभावनाएं हर किसी को अपनी ओर खींचती हैं. चाहे आप करियर बनाने का सपना देखते हों, कला की दुनिया में अपना नाम करना चाहते हों, या बिजनेस में सफलता की ऊंचाइयों को छूना चाहते हों. न्यूयॉर्क हर ख्वाब को हकीकत में बदलने का मौका देता है.

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यही वजह है कि हर युवा की एक छुपी हुई ख्वाहिश होती है कि किसी भी तरह उसे न्यूयॉर्क में रहने का मौका मिल जाए. इसी शहर में रहने वाले एक शख्स ने न्यूयॉर्क में रहने के अपने अनुभव दुनिया के सामने लाया. ये शख्स न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में की कम्यूनल बिल्डिंग में रहता था.


एक महीने में दिया इतना रेंट

सीएनबीसी मेक इट को दिए एक इंटरव्यू में इशान अभेसेकरा ने बताया कि वन बेडरूम और वन किचन सेट करीब दो दर्जन लोगों के साथ रहता था. इसके लिए वो हर महीने 1 लाख 76 हजार रुपये देता है. इशान एक इंजीनियर हैं. उन्होंने बताया कि 23 लोगों के साथ रहते हुए वो बाथरूम और किचन शेयर किया करते थे. 

इसके साथ ही मंथली पेमेंट में वाइफाई, यूटिलिटी, हाउसहोल्ड सप्लाइज, वीकली क्लीनिंग सर्विस और मंथली कम्यूनल ब्रेकफास्ट शामिल था.

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वो बताते हैं जब न्यूयॉर्क शिफ्ट हुए तो शुरुआत में कंपनी ने ही उन्हें रहने की जगह दी.हालांकि कुछ दिन मैंने वहां रहना शुरू किया. इसके बाद मुझे खुद की स्पेस में शिफ्ट होना पड़ा तो उन्हें अफोर्डेबल ऑप्शन तलाशने पड़े.

क्या है कोहैब स्पेस

इसी दौरान उसे कोहैब स्पेस के बारे में पता चला. उन्होंने बताया कि इस बिल्डिंग में चार फ्लोर्स और 24 बेडरूम्स थे. इस बिल्डिंग में रहने वाले अधिकांश लोग 20 से 30 साल के थे. उनके बेडरूम में एक बेड, स्टोरेज स्पेस, एक डेस्क, एक डेस्क लाइट और एक वॉक इन क्लोजेट रखा था.

यहां रहने पर बाथरूम शेयर करना पड़ता था. बिल्डिंग के बेसमेंट में बड़ा काउच भी था. इसके अलावा कुछ कुछ जिम इक्विपमेंट्स भी थे.बिल्डिंग में को-वर्किंग स्पेस एक बेसमेंट है जिसमें एक बड़ा काउच है, जिस पर सभी निवासी एक साथ बैठ सकते हैं. यहां कुछ जिम इक्विपमेंट भी है.

प्राइवेसी भी मिल जाती है

इतनी सारी सुविधाएं और स्पेस हैं कि आप कभी भी एक-दूसरे के रास्ते में नहीं आते. उन्होंने बताया हर किसी के पास अपने कमरे के रूप में अपनी जगह है. सीएनबीसी मेक इट को दिये इंटरव्यू में उसने बताया यहां रहने से मुझे एक कम्यूनिटी बनाने और दोस्तों से मिलने में मदद मिली है. इस एक्सपियरेंस ने सच में मेरी जिंदगी को समृद्ध किया है.

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