पड़ोसियों के बीच झगड़े आम होते हैं, लेकिन कभी-कभी ये झगड़े अजीब और डरावने मोड़ ले लेते हैं. चीन के ग्वांगझोउ शहर से सामने आया मामला इसका ताजा उदाहरण है, जहां बदला लेने का तरीका पूरे इलाके के लिए सिरदर्द बन गया.
दरअसल, लू और उसके रूममेट ली का अपने पड़ोसी से विवाद हो गया. गुस्से में आकर दोनों ने बदला लेने का अनोखा प्लान बनाया. साउथ मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अपने घर की दीवार के पास लाउडस्पीकर लगा दिया और उसमें रोजाना घंटों तक भूतों की डरावनी कहानियां, चीखें और अजीब आवाजें बजाने लगे.
ये आवाजें सुबह 8:45 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चलती थीं, फिर थोड़े ब्रेक के बाद शाम 3:30 बजे से रात 10 बजे तक दोबारा शुरू हो जाती थीं. यानी कुल मिलाकर 10 घंटे से ज्यादा तक डर का माहौल बना रहता था.
सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि उन्होंने आवाज को कानूनी सीमा यानी 60 डेसिबल से थोड़ा कम रखा, ताकि प्रशासन उन पर कोई कार्रवाई न कर सके।,लेकिन इसका असर सिर्फ उनके टारगेट पड़ोसी पर नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले पर पड़ा.
पढ़ाई पर पड़ा असर, लोग हुए परेशान
पड़ोस में रहने वाले एक शख्स का बच्चा परीक्षा की तैयारी कर रहा था. लगातार डरावनी आवाजों की वजह से उसका ध्यान भटक गया और पढ़ाई प्रभावित हो गई. धीरे-धीरे बाकी लोग भी परेशान होने लगे.आखिरकार एक पड़ोसी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मामला सीधे अदालत पहुंच गया.
कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला
कोर्ट ने इस पूरे मामले को जानबूझकर किया गया उत्पीड़न माना. फैसला शिकायतकर्ता के पक्ष में गया और लू को तुरंत लाउडस्पीकर हटाने का आदेश मिला.सभी रिकॉर्डिंग डिलीट करनी पड़ी.लिखित में माफी और दोबारा ऐसा न करने का वादा करना पड़ा.इस मामले को चीन के न्याय मंत्रालय ने भी सार्वजनिक किया, जिसके बाद ये सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
लोग इस अजीब बदले पर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं. कोई इसे ‘क्रिएटिव’ बता रहा है, तो कोई कह रहा है कि कोर्ट ने बिल्कुल सही फैसला सुनाया. वहीं कुछ लोगों का कहना है—वह पड़ोसी से बदला ले रहा था या खुद से, क्योंकि ये आवाजें उसके अपने घर में भी गूंजती होंगी.पड़ोसियों के बीच छोटी-मोटी नोकझोंक आम बात है, लेकिन जब बदला दूसरों के लिए परेशानी बन जाए, तो उसका अंजाम भारी पड़ सकता है.
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