मुंबई के वर्ली इलाके में मंगलवार को एक राजनीतिक रैली के कारण भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे एक महिला यात्री भड़क उठी और सीधे महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन और पुलिस अधिकारियों से भिड़ गई.
यह घटना उस समय हुई जब सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महायुति गठबंधन के तहत विरोध मार्च आयोजित किया था. इसी दौरान सड़कों पर भारी भीड़ और जाम के कारण आम लोग घंटों फंसे रहे.
बताया जा रहा है कि महिला अपने बच्चे को स्कूल से लेने जा रही थी, लेकिन लंबा जाम लगने के कारण वह कई घंटों तक रास्ते में ही अटकी रही. परेशान होकर वह अपनी गाड़ी से उतरी और सीधे मार्च के बीच पहुंचकर मंत्री से तीखी बहस करने लगी.
“यहां से हटिए, आप लोग ट्रैफिक जाम कर रहे हैं.”
महिला ने आयोजकों से सवाल किया कि आखिर सड़कों को क्यों रोका गया और आम लोगों को इस तरह क्यों परेशान किया जा रहा है. उसने गुस्से में कहा, “यहां से हटिए, आप लोग ट्रैफिक जाम कर रहे हैं.” उसने यह भी पूछा कि रैली पास के खुले मैदान में क्यों नहीं की जा सकती थी.
जब मंत्री ने उसे शांत करने की कोशिश की, तो महिला और नाराज हो गई. उसने कहा, “आपको समझ नहीं आ रहा क्या? यहां सैकड़ों लोग फंसे हैं.” पास के खाली मैदान की ओर इशारा करते हुए उसने कहा, “वहां जगह खाली है.”
महिला ने मुंबई पुलिस पर भी नाराजगी जताई. जब पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की, तो उसने वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने की मांग की और वहीं अपनी बात पर अड़ी रही. बाद में पुलिस उसे सड़क किनारे ले गई और उसकी शिकायत सुनने की कोशिश की.
यह पूरी घटना वीडियो में रिकॉर्ड हो गई, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इसके बाद भाजपा के विरोध मार्च को लेकर आलोचना शुरू हो गई.
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यह प्रदर्शन विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के खिलाफ किया गया था, जिसमें कांग्रेस और उसके सहयोगी दल शामिल हैं. मुद्दा महिला आरक्षण बिल को लेकर था, जिसे लोकसभा में बहुमत नहीं मिल सका.
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं के आरक्षण पर भाजपा का अभियान उसका “असली चेहरा” दिखाता है. सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली. कई लोगों ने महिला का समर्थन किया और ट्रैफिक जाम को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए. वहीं कुछ लोगों ने उसके व्यवहार को गलत ठहराया और इसे अनुचित बताया.
ऋत्विक भालेकर