गाजियाबाद की घटना के बाद से कोरियन कल्चर चर्चा में है कि आखिर इसमें ऐसा क्या है कि Gen-Z इस ओर खींचे चले जाते हैं. इस कोरियन कल्चर की ऑनलाइन रीच काफी ज्यादा है और नई पीढ़ी से रिलेटेबल कंटेंट और फैशन Gen-Z को आसानी से प्रभावित करते हैं. यही वजह है कि कोरियन गेम हो या कोरियन ड्रामा या कोरियन म्यूजिक, ये नई पीढ़ी की जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं, जिनकी असल जिंदगी से अलग एक ऑनलाइन दुनिया है.
आज के टीनएजर K-Pop जैसे BTS और ब्लैक पिंक के दीवाने हैं. दक्षिण कोरिया का ये पॉप म्यूजिक ग्लोबल सेंसेशन बन चुका है. क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले कंटेंट, फैशन और स्टाइल को Gen-Z काफी ज्यादा फॉलो करते हैं और उनके निजी जिंदगी में इसका काफी असर देखने को मिलता है. चाहे पहनावा हो, या हेयर स्टाइल, या खान-पान, हर जगह कोरियन कल्चर घुसा हुआ है.
खासकर, कोरियन ड्रामा से प्रभावित टास्क बेस्ड इंटरैक्टिव कोरियन गेम आज के बच्चों को कुछ ज्यादा ही आकर्षित कर रहे हैं. एक बार कोरियन गेम की लत लग जाने के बाद टीनएजर इससे भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं और खुद को असल जिंदगी से अलग-थलग कर लेते हैं. ऐसे में जबतक ये गेम की दुनिया में रहते हैं, तब तक खुद की एक डिजिटल पहचान के साथ खुश रहते है और इससे बाहर निकलने के बाद ये गहरा अकेलापन महसूस करते हैं.
गाजियाबाद में भारत सोसाइटी में हुए दुखद हादसे में जिन तीन बहनों ने जान दे दी. उन पर भी इस कोरियन कल्चर का गहरा प्रभाव था. बताया जा रहा है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन कोरियन गेम खेलती थी और इसे ही अपनी दुनिया बना ली थी. हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कोरियन गेम के किसी टास्क की वजह से इनकी जान गई या इसकी कुछ और ही वजह है. लेकिन, इससे एक बात निकलकर सामने आई कि कोरियन संगीत, ड्रामा और ऑनलाइन गेम से मिलकर बना कोरियन कल्चर आज के Gen-Z पर पूरी तरह से हावी है.
क्या है कोरियन कल्चर
K-Pop हो, या कोरियन ड्रामा, या फिर कोरियन गेम और कोरियन फैशन. ये सब मिलकर एक ऑनलाइन कोरियन कल्चर का निर्माण करते हैं. इन सब की अलग-अलग काफी बड़ी ऑनलाइन कम्युनिटी है और इनके फॉलोअर्स वर्चुअल इंटरैक्शन के जरिये भावनात्मक रूप से मजबूत डिजिटल कल्चर बना चुके हैं.
उदाहरण के तौर पर K-Pop जैसे BTS के फैंस ने डिजिटल BTS Army बना रखी है. ये काफी एक्टिव रहते हैं और अलग-अलग कम्युनिटी के जरिए एक दूसरे से जुड़े रहते हैं. इसके अलावा इनसे जुड़े फैन कंटेंट और आर्ट बनाते हैं. जिसके प्रभाव इनके कपड़ों और फैशन पर साफ दिखाई देता है.
कोरियन कल्चर में के-पॉप के बाद नंबर आता है कोरियन ड्रामा का. इसमें ढेर सारे कोरियन वेबसीरीज और मूवीज हैं. इनमें से ही एक स्क्वीड गेम है. स्क्वीड गेम का ऑनलाइन गेम वर्जन भी है और ओटीटी पर इसकी वेबसीरीज भी है. इससे जुड़े भी कई फैन कम्युनिटी एक्टिव हैं.
स्क्वीड गेम, ट्रेन टू बुसान, पारासाइट जैसे ड्रामा, वेबसीरीज और मूवीज के गेम वर्जन की युवा पीढ़ी दीवानी बन चुकी है. इसके स्टाइल और सस्पेंस को Gen-Z अपनी जिंदगी से जोड़कर रखते हैं और इसके रूल भी फॉलो करते हैं. इनकी स्टोरी टेलिंग स्टाइल नई पीढ़ी को अपनी जिंदगी जैसी लगती है. इनके एपिसोड छोटे होते हैं और हर कहानी नई पीढ़ी पर फोकस होती है. यही Gen-Z से जुड़ाव की बड़ी वजह होती है. फिर इन सीरीज और ड्रामे पर आधारित ऑनलाइन गेम भी उपलब्ध हो जाते हैं और इनसे जुड़कर टीनएजर इसे वर्चुअली जीने जैसा फील करने लग जाते हैं.
ढेरों कोरियन ऑनलाइन गेम ऐसे हैं जिसके जरिए युवा पीढ़ी इंटरैक्शन कर सकते हैं. ये सब ऐसा है कि इनसे जुड़ने के बाद बच्चे खुद को अकेला नहीं समझते. क्योंकि, इस वर्चुअल वर्ल्ड में उनकी तरह दूर देश में बैठे दूसरे बच्चे भी साथ होते हैं, लेकिन अपने कमरे में हाथ में गेमिंग कंसोल और हेडफोन लगाए Gez-Z असल जिंदगी में परिवार और समाज से एकदम अकेले बैठे रहते हैं.
कोरियन कल्चर का फैशन कर रहा आकर्षित
इस कोरियन कल्चर का फैशन Gez-Z को आसानी से आकर्षित कर लते है. के-पॉप और कोरियन ड्रामा के कलाकारों का स्टाइल, मेकअप, कपड़े, हेयरस्टाइल आदि आज की नई पीढ़ी में ट्रेंड बनते हैं. क्योंकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम आदि पर कोरियन कल्चर से जुड़े फैंस कम्युनिटी के कंटेंट शेयरिंग काफी ज्यादा हैं.
कोरियन कल्चर का कैसा हो रहा असर
कोरियन कल्चर से प्रभावित Gen-Z एक अलग वर्चुअल दुनिया में चले जाते हैं और असल जिंदगी में अकेले पड़ जाते हैं. इन सब से बाहर आने पर कम उम्र में ही उन्हें अकेलापन और डिप्रेशन जैसा फील होने लगता है. धीरे-धीरे इसका मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है. आजकल के एकल परिवार वाली संस्कृति में जहां माता-पिता अपने काम में व्यस्त रहते हैं. वैसे घरों के बच्चे जल्दी ऐसे कोरियन कल्चर के प्रभाव में आ जाते हैं. इस तरह बचपन में ही Gen-Z को ये कल्चर अकेला बना रहा है, जिसके दुष्परिणाम आगे चलकर अलग-अलग रूपों में सामने आते हैं.
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