नुसरत फतेह अली खान की कव्वालियां सिर्फ गाने नहीं, एहसास होती हैं. उनमें दर्द भी होता है, इश्क भी और एक ऐसी गहराई जो सीधे दिल तक पहुंचती है. इन दिनों उनका मशहूर गीत 'दिल पे जख्म खाते हैं' फिर से ट्रेंड में है. फिल्म धुरंधर-2 में इसके आने के बाद यह गाना सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. लोग इस पर रील्स बना रहे हैं, कवर गा रहे हैं और अपने-अपने अंदाज में इसे जी रहे हैं.लेकिन इसी ट्रेंड के बीच एक आवाज ऐसी सामने आई, जिसने लोगों को ठहरने पर मजबूर कर दिया.यह आवाज है कशिश मित्तल की.
वीडियो में कशिश बेहद सादगी से बैठकर गाना गाते नजर आते हैं. कोई बड़ा सेटअप नहीं, कोई दिखावा नहीं. लेकिन जैसे ही उनकी आवाज शुरू होती है, माहौल बदल जाता है. हर शब्द में ठहराव, हर लाइन में दर्द और हर सुर में एक सच्चाई महसूस होती है. यही वजह है कि लोग उनके गाए इस वर्जन को बार-बार सुन रहे हैं.
दरअसल, 'दिल पे जख्म खाते हैं जैसे गीत को गाना आसान नहीं होता. यहां बात सिर्फ सुरों की नहीं, बल्कि एहसास को भी जगाना पड़ता है, म्यूजिक के जानकार लोग बताते हैं कि ऐसे सूफी और कव्वाली आधारित गानों में आवाज की गहराई, सांसों का नियंत्रण और शब्दों के भाव को पकड़ना बेहद जरूरी होता है. शायद यही वजह है कि हर कोई इसे गा तो लेता है, लेकिन हर कोई इसे महसूस नहीं करा पाता.
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कशिश मित्तल की कहानी भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है.
बारहवीं के बाद उन्होंने JEE में ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल की. इसके बाद IIT दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया. यहीं नहीं रुके.UPSC की तैयारी की और पहले ही कोशिश में AIR 58 हासिल कर IAS बने. एक ऐसी सफलता, जिसका सपना लाखों लोग देखते हैं.
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लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती.
करीब 10 साल की नौकरी के बाद उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया संगीत को अपनाने का. कशिश खुद कहते हैं कि संगीत हमेशा उनके साथ था, लेकिन अब वह उसे पूरी तरह जीना चाहते थे. एक ऐसी चीज, जो उन्हें सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि अंदर से सुकून देती है.
और आज, वही जुनून उनके गानों में साफ सुनाई देता है.उनका यह वीडियो सिर्फ एक वायरल क्लिप नहीं है. यह इस बात की मिसाल है कि इंसान कितना भी आगे क्यों न बढ़ जाए, अगर दिल कहीं और बसता है, तो एक दिन वह रास्ता जरूर चुन लेता है.
सोशल मीडिया पर लोग उनकी आवाज की तारीफ करते नहीं थक रहे. कोई कह रहा है 'दिल तक उतर गया', तो कोई लिख रहा है “ऐसा लगता है जैसे गाना नहीं, कहानी सुन रहे हों.”शायद यही संगीत की असली ताकत है-जो शब्दों से ज्यादा, सीधे दिल से बात करता है.
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