अबू धाबी का बड़ा ऐलान: फ्लाइट कैंसिल होने पर होटल एक्सटेंशन मुफ्त, सरकार देगी खर्च

मिडिल ईस्ट में बढ़ते Iran-Israel तनाव और उड़ान रद्द होने की स्थिति के बीच Abu Dhabi ने फंसे हुए पर्यटकों के लिए राहत भरा ऐलान किया है. Department of Culture and Tourism – Abu Dhabi ने होटलों को निर्देश दिया है कि जो यात्री अपने नियंत्रण से बाहर कारणों की वजह से देश नहीं छोड़ पा रहे हैं, उन्हें मुफ्त में ठहरने की अवधि बढ़ाई जाए.

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होटलों को कहा गया है कि वे रहने का सारा खर्च सीधी विभाग को भेंजे. ( Photo: Reuters) होटलों को कहा गया है कि वे रहने का सारा खर्च सीधी विभाग को भेंजे. ( Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:33 AM IST

ईरान-इजरायल में उड़ानों की अव्यवस्था के बीच Department of Culture and Tourism – Abu Dhabi (DCT Abu Dhabi) ने बड़ा मानवीय फैसला लिया है. विभाग ने 28 फरवरी को जारी पोस्ट में सभी होटलों को निर्देश दिया कि जो मेहमान क्षेत्रीय उड़ान रद्द होने या अन्य बाहरी कारणों से अबू धाबी से रवाना नहीं हो पा रहे हैं, उन्हें मुफ्त में ठहरने की अवधि बढ़ाई जाए.

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होटलों को क्या निर्देश दिए गए?
फंसे हुए मेहमानों का स्टे  बिना अतिरिक्त शुल्क के बढ़ाया जाए. अतिरिक्त कमरों का खर्च सीधे विभाग को बिल किया जाए, ताकि यात्रियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े. जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए.रिपोर्टों के मुताबिक, व्यापक उड़ान रद्द होने के बाद लगभग 20,000 यात्रियों को होटलों या अस्थायी आवासों में ठहराया गया.

यह तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट है, जिसे Samir Arora ने शेयर किया है. इसमें Department of Culture and Tourism – Abu Dhabi (DCT Abu Dhabi) का आधिकारिक पत्र दिखाई दे रहा है.

लेटर में क्या लिखा है?
यह लेटर होटल जनरल मैनेजर्स को संबोधित है. मौजूदा परिस्थितियों (Current Circumstances) और यात्रा प्रतिबंधों के कारण कुछ मेहमान अपने चेक-आउट के बाद भी देश नहीं छोड़ पा रहे हैं. ऐसे मेहमानों को होटल में ठहरने की अवधि बढ़ाने (Stay Extension) के लिए कहा गया है. बढ़े हुए ठहराव का पूरा खर्च DCT Abu Dhabi उठाएगा. होटलों को निर्देश दिया गया है कि वे अतिरिक्त खर्च का बिल सीधे विभाग को ई-मेल के माध्यम से भेजें. आगे की जानकारी के लिए विभाग का संपर्क नंबर भी दिया गया है.

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इसका मतलब क्या है?
अगर कोई पर्यटक फ्लाइट कैंसिल होने या यात्रा प्रतिबंध की वजह से अबू धाबी में फंस गया है, तो उसे होटल खाली करने की जरूरत नहीं होगी. उससे अतिरिक्त पैसे नहीं लिए जाएंगे. सरकार खुद होटल का खर्च देगी. यह कदम संकट के समय यात्रियों को राहत देने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.

सोशल मीडिया पर सराहना
यह पहल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हुई. हेलियोस कैपिटल के संस्थापक Samir Arora ने निर्देश की कॉपी शेयर करते हुए यूएई के सक्रिय और मानवीय दृष्टिकोण की तारीफ की. कई यूजर्स ने संकट के समय अन्य जगहों पर बढ़ी हुई कीमतों से तुलना करते हुए अबू धाबी की नीति को सराहनीय कदम बताया.

एक यूजर ने लिखा कि “अगर यह कहीं और होता, तो ऐसी स्थिति में कीमत तीन गुना बढ़ा दी जाती.” दूसरे ने कहा कि मौके पर वीजा, होटल विस्तार और भोजन की व्यवस्था से यूएई संकट प्रबंधन का बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा है. कुछ यूजर्स ने यूएई को पर्यटकों और प्रवासियों के लिए सुरक्षित और जिम्मेदार देश बताया.

संकट में मानवीय पहल
सरकार का यह कदम इस बात को रेखांकित करता है कि आपात हालात में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है. मुफ्त होटल विस्तार, भोजन ने फंसे हुए हजारों यात्रियों को राहत दी है. कुल मिलाकर, अबू धाबी की यह पहल “अतिथि देवो भव” की भावना को दर्शाती है- जहां संकट के समय मेहमानों की मदद को सर्वोपरि रखा गया.

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