आचार छांट दिया, मैगी नाप ली...बस ये करके इंस्टा पर करोड़ों व्यूज लूट रहे हैं लोग

मिक्स अचार में क्या-क्या है, दालमोठ में से काजू अलग करने हैं, या फिर मैगी की लंबाई नापनी है... इंस्टा पर ऐसे उटपटांग वीडियो करोड़ों व्यूज बटोर रहे हैं. सवाल यह है कि आखिर लोग इन्हें देख क्यों रहे हैं और बनाने वाले इस अजीब ट्रेंड के पीछे भाग क्यों रहे हैं?

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   एक शख्स मैगी नूडल की लंबाई नापने लगता है (Photo:Insta/@ondw.ay) एक शख्स मैगी नूडल की लंबाई नापने लगता है (Photo:Insta/@ondw.ay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:15 PM IST

रिसर्च बताती है कि सोशल मीडिया पर 'कुछ मिस न हो जाए' का डर लोगों को ऐसे काम करने पर मजबूर कर देता है, जो वे सामान्य हालात में शायद कभी न करें. इसे FoMO (फियर ऑफ मिसिंग आउट) कहा जाता है और आज यह एक बड़ा कारण बन चुका है. इसका सीधा असर यह है कि कोई भी ट्रेंड एक बार चल जाए, तो लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे उसे कॉपी करने लगते हैं.

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ऐसा ही कुछ इन दिनों इंस्टाग्राम पर देखने को मिल रहा है. एक अजीब और उटपटांग ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है. इस ट्रेंड को एक रील से समझिए. एक शख्स मिक्स अचार उठाता है और कैमरे पर दिखाता है कि इसमें गाजर, नींबू और कमलगट्टा है. इसके बाद वह धीरे-धीरे हर चीज को अलग-अलग निकालता है और एक-एक करके दर्शकों को दिखाता है. देखने में यह बेहद साधारण लगता है, लेकिन इसी कंटेंट पर लाखों व्यूज आ जाते हैं.

देखें वायरल वीडियो

 

इसी तरह एक और वीडियो में एक व्यक्ति मिक्स दालमोठ को छांटता नजर आता है. वह उसमें से काजू, दाल और बाकी चीजों को अलग करता है और कैमरे पर दिखाता है.

 

एक दूसरी रील में तो हद ही हो जाती है, जहां कोई मैगी की लंबाई नापने लगता है. वह मैगी के हर छोटे हिस्से को अलग करता है. इसे देखकर लोग कमेंट में लिखते हैं-क्या बेरोजगारी है!

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अब जरा इन वीडियोज के व्यूज भी समझिए. नमकीन छांटने जैसे इतने साधारण और अजीब कंटेंट को भी 50 मिलियन तक व्यूज मिल जाते हैं. यही वजह है कि ऐसे ट्रेंड्स तेजी से फैलते हैं और लोग इन्हें अपनाने लगते हैं.

क्यों मिलते हैं ऐसे वीडियो को व्यूज

रिसर्च बताती है कि हमारा दिमाग उन चीजों को पसंद करता है जो आसान और समझने में सरल हों.मिक्स अचार अलग करना या दालमोठ छांटना.ये सब बिना सोचे समझे देखा जा सकता है. इससे दिमाग पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और एक तरह का आराम महसूस होता है.

 'रिपीटेशन सैटिस्फैक्शन' 
बार-बार होने वाली क्रियाएं (जैसे अलग करना, सजाना) देखने से दिमाग को संतोष मिलता है.इसे कंपेलेशन इफेक्ट भी कहा जाता है.जब कोई चीज बिखरी हो और फिर व्यवस्थित होती दिखे, तो दिमाग को अच्छा लगता है.

 डोपामिन हिट 
सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो छोटे-छोटे रीवार्ड मोमेंट देते हैं.हर बार जब कुछ अलग होता है जैसे अचार का टुकड़ा अलग करना, दिमाग डोपामिन रिलीज करता है जो हमें और देखने के लिए प्रेरित करता है.

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