जंग की तबाही सिर्फ सरहदों तक सीमित नहीं रहती, उसका खामियाजा इंसानियत को भी भुगतना पड़ता है. लेकिन इसी दर्द को कम करने के लिए कुछ लोग आगे आते हैं. इन दिनों कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिल रहा है, जहां भारत के अलग-अलग हिस्सों से इंसानियत की दिल छू लेने वाली कहानियां सामने आ रही हैं.लद्दाख के लेह से लेकर जम्मू-कश्मीर के चंदरकोट और बडगाम तक, लोग युद्ध से जूझ रहे ईरान के लिए दिल खोलकर मदद कर रहे हैं.
बच्चों ने तोड़ी गुल्लक, साइकिल तक कर दी दान
हाल ही ये ऐसी तस्वीर लेह से आई.लेह में लोग पैसे, कीमती धातुएं, गहने और जरूरी सामान दान कर रहे हैं. इस वीडियो का एक क्लिप वायरल हो रहा है जब एक छोटी बच्ची ने अपनी 'गुल्लक' फोड़कर उसमें जमा पैसे राहत के लिए दे दिए. यही नहीं, कई बच्चों ने अपनी साइकिल तक दान में दे दी.लद्दाख में पिछले 30 दिनों से लगातार डोनेशन ड्राइव चल रही है. लोग नियमित रूप से राहत सामग्री इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंच सके.
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इससे पहले कुछ ऐसा ही नजारा जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के चंदरकोट में भी देखने को मिला. यहां लोगों ने अपनी हैसियत से बढ़कर दान दिया. किसी ने पैसे दिए, तो किसी ने बर्तन, सोना-चांदी तक दे दिया.
यहां भी ईरान के लिए जब छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़ दी. महिलाओं ने अपने गहने—चूड़ियां और झुमके तक उतारकर दान कर दिए. यहां तक कि कुछ लोगों ने अपने बच्चों के गहने भी उतार दिए. एक शख्स ने अपनी भेड़ तक दान कर दी, ताकि किसी जरूरतमंद की मदद हो सके. इन भावनाओं को देखकर भारत में मौजूद ईरानी दूतावास भी भावुक हो गया. 22 मार्च को दूतावास ने कहा कि हम आपकी दया और इंसानियत को कभी नहीं भूलेंगे. धन्यवाद, भारत.
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