क्या इंडक्शन ही सहारा... गैस किल्लत के बीच सबसे ज्यादा क्या सर्च कर रहे लोग?

सोशल मीडिया पर गैस सिलेंडर की किल्लत और ब्लैक मार्केटिंग की खबरों के बीच लोग रसोई के लिए नया विकल्प तलाश रहे हैं. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन कुकटॉप की सर्च तेजी से बढ़ गई है. वहीं सरकार ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने और घबराकर खरीदारी न करने की सलाह दी है.

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सरकार ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने की सलाह दी है. ( Photo: Pexels) सरकार ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने की सलाह दी है. ( Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:47 AM IST

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं कि कई जगहों पर LPG सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे या ब्लैक में बेचे जा रहे हैं. इन खबरों के बाद कई कस्टमर परेशान नजर आ रहे हैं और रसोई के लिए गैस सिलेंडर की जगह दूसरे विकल्प तलाशने लगे हैं. यही वजह है कि ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर इन दिनों इंडक्शन कुकटॉप की सर्च और बिक्री तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है. इन खबरों के बाद कई ग्राहक सतर्क हो गए हैं और गैस सिलेंडर के विकल्प तलाशने लगे हैं, ताकि अगर कभी सिलेंडर मिलने में देरी हो जाए तो खाना बनाने में दिक्कत न हो.

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यही कारण है कि इन दिनों ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर इंडक्शन कुकटॉप और इलेक्ट्रिक चूल्हे की सर्च अचानक बढ़ गई है. कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ट्रेंड्स में भी देखा गया है कि लोग 'इंडक्शन स्टोव', 'इलेक्ट्रिक कुकटॉप' और 'गैस का विकल्प' जैसे शब्द तेजी से सर्च कर रहे हैं.


बैकअप के लिए इंडक्शन की खरीद
दरअसल, रसोई गैस ज्यादातर घरों की जरूरत है. अगर किसी वजह से सिलेंडर की सप्लाई देर से मिलती है तो खाना बनाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में कई लोग बैकअप के तौर पर इंडक्शन कुकटॉप खरीदना पसंद कर रहे हैं. इंडक्शन बिजली से चलता है और इसमें गैस की जरूरत नहीं होती, इसलिए यह गैस के विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पिछले कुछ दिनों में 'इंडक्शन कुकटॉप', 'इलेक्ट्रिक चूल्हा' और 'गैस का विकल्प' जैसे शब्द काफी ज्यादा सर्च किए जा रहे हैं. कई लोग सोशल मीडिया पर भी सलाह मांग रहे हैं कि अगर गैस सिलेंडर देर से मिले तो इंडक्शन या इलेक्ट्रिक कुकटॉप इस्तेमाल करना कितना सही रहेगा.

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सरकारी एजेंसियों ने लोगों से कहा-घबराएं नहीं 
इस बीच गैस कंपनियों और सरकारी एजेंसियों की तरफ से लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही गई है. अधिकारियों का कहना है कि देश में एलपीजी की सप्लाई सामान्य है और कहीं भी घबराकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं है. लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर भरोसा न करें और सिलेंडर की बुकिंग आधिकारिक चैनलों से ही करें. सरकार और संबंधित एजेंसियों ने यह भी सलाह दी है कि उपभोक्ता गैस का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और अनावश्यक स्टॉक जमा न करें, ताकि सभी लोगों को समय पर सिलेंडर मिल सके. साथ ही सुरक्षा के लिहाज से गैस सिलेंडर का सही इस्तेमाल और नियमित जांच भी जरूरी बताई गई है.

सरकार का आश्वासन: गैस की कमी की खबरों से घबराने की जरूरत नहीं
सोशल मीडिया पर इन दिनों एलपीजी गैस की कमी को लेकर कई तरह की खबरें और अफवाहें फैल रही हैं. हालांकि सरकार ने साफ किया है कि देश में गैस और तेल की आपूर्ति को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि पहले भारत लगभग 27 देशों से तेल और ऊर्जा संसाधन आयात करता था, लेकिन मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को देखते हुए सरकार ने अपने सप्लाई नेटवर्क को और बढ़ा दिया है. अब भारत करीब 40 देशों से तेल और ऊर्जा संसाधन प्राप्त कर रहा है, ताकि भविष्य में किसी तरह की कमी न हो.

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इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कई संभावित देशों से संपर्क किया है, ताकि तेल और गैस की आपूर्ति मजबूत बनी रहे. सरकार का कहना है कि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार नए विकल्प तलाशे जा रहे हैं और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

रेस्टोरेंट कारोबार भी सतर्क
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कुछ जगहों पर एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता देखी जा रही है. खासकर दिल्ली में कई रेस्टोरेंट और खानपान से जुड़े व्यवसाय सतर्क हो गए हैं. उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर लंबे समय तक गैस की कमी या कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो उनके काम पर असर पड़ सकता है. इसी वजह से कुछ रेस्टोरेंट मालिक अब अपने मेनू में बदलाव करने की योजना बना रहे हैं. वे ऐसे फूड कम करने पर विचार कर रहे हैं जिनमें ज्यादा गैस लगती है. इसके अलावा कुछ रेस्टोरेंट बिजली से चलने वाले किचन उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाने या पाइपलाइन गैस के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं.

एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया
सरकारी सूत्रों के मुताबिक स्थिति को संभालने के लिए देश की तेल रिफाइनरियों ने एलपीजी उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है. इसके साथ ही गैस की सप्लाई पर निगरानी की अवधि भी 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या कालाबाजारी को रोका जा सके. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत निगरानी की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और फिलहाल एलपीजी की कोई कमी नहीं है.

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सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें. अधिकारियों के मुताबिक घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करना सरकार की पहली प्राथमिकता है और गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है.

ऑनलाइन मार्केट में डिमांड में इंडक्शन
हालांकि, इन खबरों के बीच एक बात साफ दिखाई दे रही है कि अब कई लोग रसोई में इंडक्शन कुकटॉप को बैकअप विकल्प के रूप में रखने लगे हैं बिजली से चलने वाला यह उपकरण गैस की तुलना में जल्दी गर्म होता है और छोटे परिवारों के लिए काफी सुविधाजनक माना जाता है. कुल मिलाकर, गैस की किल्लत की खबरों ने लोगों को वैकल्पिक साधनों के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है. यही कारण है कि ऑनलाइन बाजार में इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक बढ़ती नजर आ रही है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है और गैस की सप्लाई सामान्य बनी हुई है.

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