आजकल खाने-पीने की चीजों में मिलावट और नकली सामान को लेकर खबरें लगातार सामने आ रही हैं. कभी नकली पनीर पकड़ा जाता है, कभी दूध में मिलावट की बात होती है, तो कभी तेल और घी की शुद्धता पर सवाल उठते हैं. इन घटनाओं से लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है कि आखिर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाला खाना कितना सुरक्षित है. इसी बीच अब एक नया मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक महिला दावा कर रही है कि उसने जो अंडे मंगवाए थे, वे नकली निकले. उसका कहना है कि उबालने के बाद अंडों के अंदर से प्लास्टिक जैसे धागेनुमा रेशे निकले. इस दावे के बाद खाने की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है.
ऑनलाइन मंगाए गए अंडों में प्लास्टिक
एक महिला ने दावा किया है कि उसे ऑनलाइन मंगाए गए अंडों में प्लास्टिक जैसा पदार्थ मिला. यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में शालिनी शर्मा नाम की महिला ने बताया कि उन्होंने ज़ेप्टो से “एगोज़ एवरीडे” ब्रांड के अंडे मंगवाए थे. उनका कहना है कि जब उन्होंने अंडों को उबाला, तो अंदर से पीले रंग के धागे जैसे रेशे निकलने लगे, जो प्लास्टिक जैसे दिख रहे थे.
खाने की सुरक्षा को लेकर चिंता
वीडियो में शालिनी उबले हुए अंडे दिखाती हैं और कहती हैं कि पहले उन्होंने सिर्फ सुना था कि बाजार में नकली या प्लास्टिक के अंडे बिकते हैं, लेकिन अब उन्होंने खुद ऐसा देखा. उनका दावा है कि अगर अंडे किसी और तरीके से पकाए जाते, तो शायद उन्हें पता भी नहीं चलता. वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने खाने की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. कई यूजर्स ने कंपनी और डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जवाब मांगा और मामले में कार्रवाई की मांग की.
प्लास्टिक अंडे पर कंपनी ने दी सफाई
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 'प्लास्टिक अंडे' के दावे के बाद कंपनी Eggoz ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि उसके अंडे पूरी तरह सुरक्षित हैं और 'प्लास्टिक अंडा' जैसा कुछ भी नहीं है. कंपनी का कहना है कि यह दावा गलतफहमी और भ्रामक जानकारी पर आधारित है. कंपनी के अनुसार, अंडा एक प्राकृतिक कृषि उत्पाद है. उत्पादन के बाद स्टोरेज, तापमान और परिवहन की अलग-अलग परिस्थितियों की वजह से कभी-कभी अंडे की बनावट (texture) या दिखावट (Appearance) में बदलाव दिखाई दे सकता है.
FSSAI ने भी बताया अफवाह
वैज्ञानिक साहित्य में भी माना गया है कि ऐसे प्राकृतिक बदलाव संभव हैं. हालांकि, इनका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अंडे में कोई आर्टिफिशियल या प्लास्टिक सामग्री है. कंपनी ने साफ किया कि इस तरह के बदलाव से खाद्य सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता. इस मामले में Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) का भी बयान सामने आया है. FSSAI ने साफ कहा है कि “प्लास्टिक अंडे” या “आर्टिफिशियल अंडे” जैसी कोई चीज़ असल में होती ही नहीं है.
संस्था के मुताबिक, ऐसी कोई तकनीक मौजूद नहीं है जिससे बिल्कुल असली अंडे जैसा दिखने वाला नकली या प्लास्टिक अंडा बनाया जा सके. यानी सोशल मीडिया पर फैल रही यह बात सिर्फ अफवाह है.
किसी भी जानकारी के लिए कंपनी से करें संपर्क
कंपनी ने बताया कि वह फार्म से लेकर बाजार तक सख्त गुणवत्ता मानकों का पालन करती है. इसमें साफ-सफाई के नियम, बैच ट्रेसबिलिटी (हर खेप की पहचान) और तापमान नियंत्रित लॉजिस्टिक्स शामिल हैं, ताकि ताजगी और सुरक्षा बनी रहे. उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कंपनी ने कहा है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और केवल वैज्ञानिक तथ्यों और आधिकारिक दिशानिर्देशों पर ही विश्वास करें. किसी भी शंका की स्थिति में ग्राहक कंपनी के कस्टमर केयर (support@eggoz.in
) या हेल्पलाइन नंबर 011-41193222 पर संपर्क कर सकते हैं. कंपनी ने दोहराया कि वह देशभर के घरों तक सुरक्षित, ताजे और भरोसेमंद अंडे पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है.
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