धुरंधर में पाकिस्तान का ल्यारी देखा था... क्या आप जानते हैं भारत में ल्यारी कहां हैं?

सोशल मीडिया और सर्च प्लेटफॉर्म पर एक नया कीवर्ड तेजी से वायरल हो रहा है: 'भारत में लयारी'. पहली नजर में, यह भ्रम पैदा करता है. कई लोग इसे तुरंत कराची से जोड़ लेते हैं, लेकिन इस ट्रेंड के पीछे की सच्चाई बहुत अलग है और लोगों की अपेक्षा कहीं ज्यादा गहरी है.

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इस जगह की खासियत इसका टेक्सचर्ड लैंडस्केप है Photo: Insta/p_a_a_r_i_n, Dhurandhar Trailer (Image Grab) इस जगह की खासियत इसका टेक्सचर्ड लैंडस्केप है Photo: Insta/p_a_a_r_i_n, Dhurandhar Trailer (Image Grab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:35 AM IST

धुरंधर फिल्म ने पाकिस्तान के ल्यारी को सुर्खियों में ला दिया. सिंध प्रांत के कराची में स्थित यह इलाका शहर का सबसे पुराना और घनी आबादी वाला हिस्सा माना जाता है. फिल्म में इसे गैंगवार, अपराध, फिरौती और राजनीतिक साठगांठ के केंद्र के रूप में दिखाया गया है, और हकीकत में भी यह क्षेत्र लंबे समय से ऐसी ही छवि से जुड़ा रहा है.

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हालांकि यहां हम पाकिस्तान के ल्यारी की नहीं, बल्कि भारत के ल्यारी की बात कर रहे हैं. फिल्म का असर अभी थमा भी नहीं था कि एक नया कीवर्ड तेजी से वायरल होने लगा-भारत में लयारी. पहली नजर में यह भ्रम पैदा करता है और लोग इसे सीधे कराची से जोड़ लेते हैं, लेकिन इस ट्रेंड के पीछे की सच्चाई इससे कहीं ज्यादा अलग और दिलचस्प है.


दरअसल, पाकिस्तान के ल्यारी से अलग भारत का ल्यारी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है. यह कोई घनी आबादी वाली बस्ती नहीं, बल्कि सुकून और कुदरती सौंदर्य से भरा शांत ठिकाना है. आइए आपको भारत के ल्यारी के बारे में बताते हैं. यह एक प्राकृतिक स्थल है, जो वर्षों से मौजूद है, लेकिन अब जाकर इसे व्यापक पहचान मिल रही है.

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भारत में ल्यारी, गुजरात के कच्छ क्षेत्र में कच्छ का रण के बीच स्थित एक मौसमी नदी है. ये सालभर नहीं बहती, बल्कि मानसून में पानी से भर जाती है. बाकी समय सूखे नदी तल के रूप में नजर आती है, जो इसकी सबसे बड़ी पहचान है.

देखें इस पोस्ट में ल्यारी का नजारा

इतनी खूबसूरत है ये जगह

 इस जगह की खासियत इसका टेक्सचर्ड लैंडस्केप है, जहां चट्टानों की परतें साफ दिखाई देती हैं, जो पानी, हवा और समय के असर से बनी हैं और देखने में किसी नेचुरल आर्ट जैसी लगती हैं, साथ ही ये संरचनाएं वैज्ञानिकों को पुराने जलवायु बदलाव को समझने में मदद करती हैं. 


यह स्थान गुजरात के भुज से करीब 70 किमी दूर है. इसके पास धीनोधर हिल स्थित है, जिसे  ज्वालामुखी प्लग माना जाता है, यानी यहां कभी ज्वालामुखी गतिविधि हुई थी और समय के साथ आसपास की जमीन कट गई, लेकिन यह संरचना बची रह गई. ल्यारी का रूप मौसम के साथ बदलता रहता है.बारिश में यह बहती नदी जैसा दिखता है, बारिश के बाद सूखा और शांत विस्तार बन जाता है, जबकि सुबह और शाम के समय इसकी रंगत और भी खास नजर आती है, हालांकि आसपास के इलाकों में बदलाव भी देखने को मिल रहा है.

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