मैनेजर का फोन आते ही मेट्रो के फर्श पर बैठकर शुरू किया काम, वर्क-लाइफ बैलेंस पर छिड़ी बहस

दिल्ली मेट्रो के भीड़भाड़ वाले डिब्बे में एक व्यक्ति के फर्श पर बैठकर लैपटॉप पर काम करने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. बताया गया कि मैनेजर का फोन आने के बाद उसने तुरंत काम शुरू कर दिया. इस घटना के बाद इंटरनेट पर वर्क-लाइफ बैलेंस और बढ़ते काम के दबाव को लेकर बहस शुरू हो गई.

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वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर बहस शुरू. (Photo: X/ @kuxh101) वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर बहस शुरू. (Photo: X/ @kuxh101)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:25 AM IST

दिल्ली मेट्रो में काम करते एक व्यक्ति की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. बताया जा रहा है कि उस व्यक्ति को मेट्रो में सफर के दौरान अपने मैनेजर का फोन आया, जिसके बाद उसने तुरंत अपना लैपटॉप निकाल लिया और भीड़भाड़ वाले डिब्बे के फर्श पर बैठकर काम करने लगा. यह तस्वीर सामने आने के बाद लोगों के बीच शहरी जीवन की भागदौड़ और काम के दबाव को लेकर नई बहस शुरू हो गई है.

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वर्क-लाइफ बैलेंस पर छिड़ी बहस
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @kuxh101 नाम के यूजर ने यह फोटो शेयर की. फोटो में दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन का एक भीड़भाड़ वाला कोच दिखाई देता है. उस भीड़ के बीच एक व्यक्ति फर्श पर बैठा हुआ है, उसकी गोद में लैपटॉप खुला है और वह फोन पर बात करते हुए अपना काम पूरा करता नजर आ रहा है. पोस्ट शेयर करते हुए यूजर ने लिखा कि उसने इस व्यक्ति को मेट्रो में देखा. जैसे ही उसके मैनेजर का फोन आया, उसने बिना देर किए लैपटॉप खोला, जमीन पर बैठ गया और वहीं काम शुरू कर दिया. यह दृश्य देखकर कई लोग हैरान रह गए.

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
यह पोस्ट कुछ ही समय में वायरल हो गई. इसे लाखों बार देखा गया और सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ लोगों ने उस व्यक्ति की मेहनत और समर्पण की तारीफ की, तो कई लोगों ने इसे काम के बढ़ते दबाव और खराब वर्क-लाइफ बैलेंस का उदाहरण बताया. एक यूजर ने लिखा- यह समर्पण का अलग ही स्तर है. वहीं दूसरे यूजर ने कहा- यह असल में टॉक्सिक वर्क कल्चर को दिखाता है. किसी ने मजाक में लिखा- मैनेजर का फोन आया और भाई ने मेट्रो को ही ऑफिस बना लिया.

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पर्सनल लाइफ के बीच की सीमाएं धुंधली होती जा रही
कई लोगों ने इस घटना को शहरी जीवन की तेज रफ्तार से भी जोड़ा. उनका कहना था कि आजकल काम और पर्सनल लाइफ  के बीच की सीमाएं धुंधली होती जा रही हैं. कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि किसी भी नौकरी के लिए किसी को इतनी मजबूरी में काम नहीं करना चाहिए कि उसे भीड़भाड़ वाली मेट्रो के फर्श पर बैठकर काम करना पड़े. इस तस्वीर ने काम के दबाव और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर लोगों के बीच बड़ी चर्चा जरूर छेड़ दी है.

नोट: हालांकि यह पूरी घटना सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी पर आधारित है. इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है.

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