आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से हमारी जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है. यह तकनीक कई कामों को आसान बना रही है- जैसे ऑनलाइन मदद, चैटिंग, वीडियो बनाना और जानकारी देना. लेकिन इसके साथ कुछ ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जो हैरान करने वाले और थोड़े चिंताजनक हैं. ऐसा ही एक मामला चाईना से सामने आया है, जहां 84 साल की एक बुजुर्ग महिला एक AI से बनाए गए वर्चुअल इंसान के प्यार में पड़ गईं. यह इंसान असल में कोई वास्तविक व्यक्ति नहीं था, बल्कि कंप्यूटर से बनाया गया एक कैरेक्टर था.
क्या है पूरा मामला?
यह घटना दिखाती है कि AI सिर्फ एक तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों की भावनाओं को भी प्रभावित कर सकती है. खासकर उन लोगों को, जो अकेलापन महसूस करते हैं या जिन्हें साथ और ध्यान की जरूरत होती है. यह कहानी Zhang Yulan नाम की महिला की है, जो चीन के हुबेई प्रांत में रहती हैं. उन्हें एक वर्चुअल यानी कंप्यूटर से बनाए गए इंसान से प्यार हो गया, जिसका नाम जियांगुओ था. यह कोई असली इंसान नहीं था, बल्कि AI द्वारा बनाया गया एक कैरेक्टर था, जिसे Bossy President कहा जाता है.
Bossy President क्या होता है?
चीन में 'बा जोंग' नाम का एक कैरेक्टर काफी लोकप्रिय है. यह ऐसा पुरुष किरदार होता है जो थोड़ा सख्त और कंट्रोल करने वाला होता है. लेकिन अपने पार्टनर के लिए बहुत केयरिंग और प्यार करने वाला होता है. ऐसे किरदार खासकर मिडिल एज और बुजुर्ग महिलाओं को पसंद आते हैं, क्योंकि वे उन्हें सुरक्षा और ध्यान देने वाला महसूस कराते हैं.
दादी को कैसे हुआ प्यार?
झांग युलान रोजाना 10 घंटे तक मोबाइल पर इन AI वीडियो को देखती थीं. धीरे-धीरे उन्हें लगने लगा कि उनका जियांगुओ के साथ सच्चा रिश्ता है. उन्होंने उसे मैसेज भेजे. इसके साथ ही हाथ से लिखकर प्रेम पत्र भी भेजा और यहां तक कि शादी के बारे में भी सोचा. उनके पत्र में उन्होंने माफी भी मांगी और लिखा कि क्या वह उनसे नाराज है.
परिवार को कैसे पता चला?
झांग के परिवार को इस बारे में तब पता चला जब उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग में काफी पैसे खर्च कर दिए. उन्होंने 7000 युआन (लगभग 1 लाख रुपये) से ज्यादा खर्च किए. इसके साथ ही एक सस्ता सामान बहुत महंगे दाम में खरीदा और किताबों पर भी काफी पैसा खर्च किया. इसके बाद उनकी पोती को शक हुआ और उसने शिकायत दर्ज कर दी.
सरकार ने ऐसे फर्जी AI अकाउंट्स पर कार्रवाई शुरू की. जियांगुओ का अकाउंट भी बंद कर दिया गया. यह कदम ऑनलाइन धोखाधड़ी और गलत कंटेंट को रोकने के लिए उठाया गया.
इस घटना से क्या सीख मिलती है?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक कहानी नहीं है, बल्कि एक बड़ी समस्या की ओर इशारा करता है. जहां बुजुर्गों को इमोशनल सपोर्ट की जरूरत होती है. बुजुर्ग लोगों को प्यार, साथ और ध्यान की जरूरत होती है. कई बार उन्हें असली और नकली (AI) में फर्क समझ नहीं आता. इससे ठगी का खतरा रहता है. AI का इस्तेमाल करके लोग आसानी से धोखा दे सकते हैं.
लोगों की प्रतिक्रिया
इस घटना पर लोगों ने सोशल मीडिया पर चिंता जताई. एक यूजर ने कहा- AI ठगों के लिए आसान हथियार बन गया है. दूसरे ने कहा- हमें अपने बुजुर्गों के साथ ज्यादा समय बिताना चाहिए.
यह कहानी थोड़ी अजीब जरूर लगती है, लेकिन इसके पीछे एक गहरी सच्चाई छिपी है. अकेलापन और भावनात्मक जरूरतें किसी को भी कमजोर बना सकती हैं. खासकर बुजुर्ग लोग ऐसे मामलों में जल्दी फंस सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि हम अपने परिवार के बुजुर्गों के साथ समय बिताएं. उन्हें नई तकनीक के बारे में समझाएं और उन्हें ऐसे ऑनलाइन जाल से बचाएं.
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