सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ और परफेक्ट लुक पाने की चाहत अब खतरनाक स्तर तक पहुंचती जा रही है. इन दिनों एक नया और बेहद खौफनाक ट्रेंड तेजी से फैल रहा है, जिसे ‘Bone Smashing’ कहा जा रहा है. इस ट्रेंड में युवा अपने चेहरे की हड्डियों, खासकर जॉ-लाइन (जबड़े) को शार्प और आकर्षक बनाने के लिए खुद के चेहरे पर हथौड़े से वार कर रहे हैं. यह ट्रेंड सबसे ज्यादा इंस्टाग्राम, टिकटॉक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर देखा जा रहा है, जहां लोग वीडियो बनाकर इसे शेयर कर रहे हैं. कई युवा इसे फॉलो भी कर रहे हैं, बिना यह समझे कि यह उनके लिए कितना खतरनाक हो सकता है.
क्या है ‘Bone Smashing’ ट्रेंड?
इस ट्रेंड में लोग यह मानते हैं कि अगर वे अपने चेहरे की हड्डियों पर जोर से चोट करेंगे, तो वहां छोटे-छोटे फ्रैक्चर (माइक्रो फ्रैक्चर) होंगे. फिर जब ये हड्डियां ठीक होंगी, तो पहले से ज्यादा मजबूत और चौड़ी हो जाएंगी. उनका मानना है कि इससे उनकी जॉ-लाइन ज्यादा शार्प और आकर्षक दिखेगी.
कहां से शुरू हुआ यह ट्रेंड?
बताया जा रहा है कि यह ट्रेंड 'Looksmaxxing' नाम की एक ऑनलाइन कम्युनिटी से जुड़ा है. इस कम्युनिटी में लोग अपने लुक्स को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, चाहे वे सुरक्षित हों या नहीं. इसे 20 साल के अमेरिकी इन्फ्लुएंसर ब्रैडेन पीटर्स, जिन्हें 'Clavicular' के नाम से भी जाना जाता है, ने काफी लोकप्रिय बना दिया. उनके वीडियो के बाद यह ट्रेंड तेजी से फैल गया.
डॉक्टरों की चेतावनी
डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस ट्रेंड को लेकर कड़ी चेतावनी दी है. उनका साफ कहना है कि चेहरे पर हथौड़े से वार करने से हड्डियां मजबूत नहीं होतीं, बल्कि बुरी तरह टूट सकती हैं.
इससे होने वाले खतरे:
डॉक्टरों के मुताबिक, इस तरह की हरकतें जानलेवा भी साबित हो सकती हैं.
क्यों बढ़ रहा है यह ट्रेंड?
आज के समय में सोशल मीडिया पर परफेक्ट दिखने का दबाव बहुत बढ़ गया है. लोग ज्यादा लाइक्स और फॉलोअर्स पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं.युवा खासकर 'परफेक्ट जॉ-लाइन' और 'अट्रैक्टिव लुक' के पीछे भाग रहे हैं, जिससे ऐसे खतरनाक ट्रेंड्स को बढ़ावा मिल रहा है.
क्या सीख मिलती है?
यह ट्रेंड एक बड़ी चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज सही या सुरक्षित नहीं होती. बिना सोचे-समझे किसी भी ट्रेंड को फॉलो करना खतरनाक हो सकता है. अगर कोई अपनी पर्सनैलिटी या लुक्स सुधारना चाहता है, तो उसे सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीकों का ही सहारा लेना चाहिए, न कि ऐसे खतरनाक प्रयोग करना चाहिए.
‘Bone Smashing’ जैसा ट्रेंड सिर्फ एक वायरल चैलेंज नहीं, बल्कि एक गंभीर खतरा है. यह दिखाता है कि सोशल मीडिया की अंधी दौड़ में लोग अपनी सेहत तक को दांव पर लगा रहे हैं. ऐसे में जरूरी है कि लोग जागरूक रहें और इस तरह के खतरनाक ट्रेंड्स से दूर रहें.
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