10-12 साल के लड़के और अश्लील कमेंट...जॉगिंग के दौरान युवती के साथ छेड़छाड़, वीडियो शेयर कर उठाए सवाल

बेंगलुरु के पास अवलाहल्ली जंगल में सुबह जॉगिंग कर रही रितिका सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि 10 से 13 साल के कुछ लड़कों ने उनके पहनावे और शरीर को लेकर अश्लील टिप्पणियां कीं. रितिका ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया कि शुरुआत में उन्होंने बच्चों को नजरअंदाज किया, लेकिन जब बात बढ़ी तो उन्होंने उनका सामना किया.

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 घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और लोग बच्चों की परवरिश व जवाबदेही पर सवाल उठा रहे. ( Photo: Instagram/@ritika_suryavanshi100) घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और लोग बच्चों की परवरिश व जवाबदेही पर सवाल उठा रहे. ( Photo: Instagram/@ritika_suryavanshi100)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:48 AM IST

सुबह की सैर और जॉगिंग को सेहत और सुकून से जोड़ा जाता है, लेकिन बेंगलुरु में एक महिला के साथ हुई घटना ने इस सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं. शहर के पास स्थित अवलाहल्ली जंगल में जॉगिंग कर रही एक महिला को उस वक्त असहज हालात का सामना करना पड़ा, जब कुछ नाबालिग लड़कों ने उसके पहनावे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं. यह मामला न सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा, बल्कि बच्चों में बढ़ते गलत व्यवहार और परवरिश की जिम्मेदारी पर भी गंभीर बहस छेड़ रहा है.

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पहनावे और शरीर को लेकर गलत और अश्लील टिप्पणियां
बेंगलुरु की एक महिला ने सुबह की जॉगिंग के दौरान अपने साथ हुई एक परेशान करने वाली घटना के बारे में इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया है. यह घटना बेंगलुरु के पास अवलाहल्ली जंगल में हुई, जो आमतौर पर शांत माहौल और मॉर्निंग वॉक-जॉगिंग के लिए जाना जाता है. महिला का नाम रितिका सूर्यवंशी है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि जब वह रोज की तरह 5 किलोमीटर दौड़ पूरी कर जंगल के रास्ते से बाहर निकल रही थीं, तभी कुछ 10 से 13 साल के लड़कों ने उनके पहनावे और शरीर को लेकर गलत और अश्लील टिप्पणियां कीं.

कन्नड़ भाषा में हंसते हुए कर रहे थे कमेंट
रितिका ने बताया कि उन्होंने स्पोर्ट्स लोवर और टैंक टॉप पहन रखा था, जिसे वह दौड़ने के लिए बिल्कुल सामान्य कपड़े मानती हैं. उन्होंने साफ कहा कि उनके कपड़ों में कुछ भी गलत नहीं था. उनके मुताबिक, तीन लड़के सामने से आ रहे थे और कन्नड़ भाषा में हंसते हुए कुछ कह रहे थे. रितिका को भाषा समझ नहीं आ रही थी, लेकिन उनका इरादा साफ नजर आ रहा था. उन्होंने कहा कि जब कोई आपको देखकर हंसे और ताना मारे, तो बात समझ में आ जाती है.

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बच्चा समझकर किया नजरअंदाज
शुरुआत में रितिका ने उन्हें नजरअंदाज किया क्योंकि वे बच्चे थे. उन्होंने सोचा कि 'बच्चे हैं, बड़े होकर समझ जाएंगे.' लेकिन मामला तब गंभीर हो गया जब लड़कों ने रुककर उनके शरीर पर टिप्पणियां कीं. इसके बाद रितिका ने वापस मुड़कर उनका सामना किया और उन्हें डांटा. रितिका ने बच्चों से कहा कि इतनी कम उम्र में इस तरह की बातें करना गलत है और उन्हें तमीज़ सीखनी चाहिए. इस घटना के बाद वह अंदर से काफी परेशान हो गईं और सोचने लगीं कि अब क्या महिलाओं को छोटे बच्चों से भी डरना पड़ेगा? क्या सिर्फ इसलिए कपड़े बदलने पड़ेंगे क्योंकि बच्चे भी गलत बातें करने लगे हैं?

सोशल मीडिया पर जोरदार बहस शुरू 
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर जोरदार बहस शुरू हो गई है. ज्यादातर लोग रितिका के समर्थन में हैं और कह रहे हैं कि ऐसे व्यवहार को शुरुआत में ही रोकना जरूरी है. कई लोगों ने बच्चों की परवरिश, शिक्षा और जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए हैं.  कुल मिलाकर, यह मामला सिर्फ एक महिला की जॉगिंग का नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती असंवेदनशील सोच और बच्चों में गलत व्यवहार की जड़ों पर सोचने की जरूरत को दिखाता है.

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