LPG संकट के बीच वायरल हुए होटल के बिल, मांगे जा रहे हैं गैस के अलग से पैसे

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने बेंगलुरु के थियो कैफे की रसीद की तस्वीर शेयर की. इसमें दो मिंट लेमोनेड (179 रुपये प्रति गिलास) के ऑर्डर पर 17.01 रुपये का 5 प्रतिशत 'गैस क्राइसिस चार्ज' जोड़ा गया था. यहीं से सोशल मीडिया पर 'गैस क्राइसिस चार्ज' की चर्चा होने लगी.

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कई ऐसे बिलों के स्क्रीनशॉट साझा किए गए जिनमें खाने-पीने की कीमतों के साथ अतिरिक्त गैस चार्ज जोड़ा गया था (Photo:Social media) कई ऐसे बिलों के स्क्रीनशॉट साझा किए गए जिनमें खाने-पीने की कीमतों के साथ अतिरिक्त गैस चार्ज जोड़ा गया था (Photo:Social media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:48 PM IST

भारत के कई हिस्सों में एलपीजी की कमी की खबरें सामने आते ही इसका असर सोशल मीडिया पर भी साफ दिखाई देने लगा. गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों, सिलेंडर की कमी और ब्लैक मार्केटिंग से जुड़ी चर्चाएं तेजी से ट्रेंड करने लगीं. कई यूजर्स ने गैस एजेंसियों के बाहर लगी लंबी लाइनों की तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए. वहीं मुंबई जैसे शहरों से कुछ होटल और रेस्तरां के अस्थायी तौर पर बंद होने की खबरें भी सामने आईं.

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गैस बचाने के टिप्स और बदलता किचन

गैस संकट की चर्चा के साथ सोशल मीडिया पर एलपीजी कम खर्च करने के तरीके भी खूब शेयर किए जाने लगे. कई लोग इंडक्शन कुकटॉप का इस्तेमाल बढ़ाने की सलाह देने लगे. बाजार में भी इसका असर देखने को मिला और इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक बढ़ने लगी.

रेस्तरां और ढाबों में भी बदलाव दिखाई देने लगा. कुछ जगहों पर चाय के दाम बढ़ने की बातें सामने आईं, तो कहीं मेन्यू में बदलाव कर दिया गया. उदाहरण के तौर पर कई जगह छोले भटूरे की जगह छोले-चावल जैसे विकल्प रखे जाने की चर्चा सोशल मीडिया पर होने लगी.

 क्या है 'गैस क्राइसिस चार्ज'

इस पूरे घटनाक्रम का असर सोशल मीडिया की भाषा में भी दिखा. कई यूजर्स ने गैस संकट पर मीम्स बनाकर शेयर किए, जबकि कुछ लोगों ने अपनी परेशानी भी पोस्ट के जरिए बताई. इसी बीच एक नया दावा भी वायरल होने लगा-होटल के बिल में अब एक नया चार्ज जोड़ा जा रहा है, जिसे 'गैस क्राइसिस चार्ज' कहा जा रहा है.

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होटल के बिल में दिखा 'गैस क्राइसिस चार्ज'

सोशल मीडिया पर कई ऐसे बिलों के स्क्रीनशॉट साझा किए गए जिनमें खाने-पीने की कीमतों के साथ अतिरिक्त गैस चार्ज जोड़ा गया था. इन्हीं में से एक बिल ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा.

एक यूजर ने एक्स पर बेंगलुरु के थियो कैफे की रसीद की तस्वीर पोस्ट की. इसमें दो मिंट लेमोनेड का ऑर्डर था, जिनकी कीमत 179 रुपये प्रति गिलास यानी कुल 358 रुपये थी.

रसीद के मुताबिक पहले 5 प्रतिशत का डिस्काउंट दिया गया, जिसके बाद बिल में 5 प्रतिशत 'गैस क्राइसिस चार्ज' यानी 17.01 रुपये जोड़ दिए गए. इसके अलावा सीजीएसटी 2.5 प्रतिशत और एसजीएसटी 2.5 प्रतिशत भी शामिल किए गए, जिससे कुल बिल बढ़कर 374 रुपये हो गया.

लेमोनेड में गैस का क्या काम?

यह बिल सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ लोगों ने मजाक में पूछा कि लेमोनेड बनाने में आखिर कौन-सी गैस इस्तेमाल होती है.दरअसल लोगों को सिर्फ अतिरिक्त चार्ज से ही हैरानी नहीं थी, बल्कि ज्यादातर यूजर्स इस बात पर सवाल उठा रहे थे कि लेमोनेड जैसे ड्रिंक में एलपीजी गैस का क्या कनेक्शन.

चेन्नई और गुरुग्राम से भी आए ऐसे उदाहरण

इसी तरह का एक और बिल चेन्नई के गीरस रेस्ट्रां का भी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया. इस बिल में इडली की कीमत 33.33 रुपये और मेदु वड़ा भी 33.33 रुपये लिखा था. नीचे अलग से गैस चार्ज 9.52 रुपये जोड़ने के बाद कुल बिल करीब 80 रुपये बनता दिखाया गया.

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वहीं एक अन्य यूजर ने दावा किया कि गुरुग्राम के एक रेस्तरां में मोमोज की प्लेट, जो पहले 180 रुपये में मिलती थी, अब 200 रुपये में दी जा रही है. जब ग्राहक ने कीमत बढ़ने की वजह पूछी तो स्टाफ ने कथित तौर पर गैस संकट को इसका कारण बताया.

क्यों हो रही है एलपीजी की कमी?

दरअसल देश के कई शहरों में इन दिनों कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने की खबरें सामने आ रही हैं. होटल, रेस्टोरेंट और कैंटीन सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं क्योंकि वे बड़ी मात्रा में गैस का इस्तेमाल करते हैं.रिपोर्ट्स के मुताबिक वैश्विक गैस सप्लाई में रुकावट की वजह मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष है. इसके कारण ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख समुद्री मार्ग हॉर्मुज स्ट्रेट पर असर पड़ा है, जो दुनिया के बड़े हिस्से के तेल और एलएनजी शिपमेंट के लिए अहम रास्ता माना जाता है.

(नोट - ये खबर सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट  के आधार पर बनाई गई है. aajtak.in पोस्ट में किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता है.)

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