अंगूर कहां गए? न्यू ईयर की शाम बाजार में ऐसा क्या हुआ,फल विक्रेता ने सुनाई कहानी

न्यू ईयर की रात गुड लक के लिए 12 हरे अंगूर खाने की परंपरा ने भारतीय शहरों में अंगूरों की किल्लत पैदा कर दी. दुकानदारों का कहना है कि स्पेन की इस परंपरा के अचानक लोकप्रिय होने से मांग इतनी बढ़ गई कि बाजारों से हरे अंगूर खत्म हो गए.

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 वीडियो में फल विक्रेता कुछ युवतियों से बातचीत करता दिखता है (Photo:Insta/anam.lmao) वीडियो में फल विक्रेता कुछ युवतियों से बातचीत करता दिखता है (Photo:Insta/anam.lmao)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:13 PM IST

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि नए साल की पूर्व संध्या पर लोग हरे अंगूर ढूंढते फिर रहे थे. इसी कड़ी में एक फल विक्रेता का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह बताता है कि इसी वजह से बाजार से हरे अंगूर पूरी तरह गायब हो गए.

वीडियो में फल विक्रेता कुछ युवतियों से बातचीत करता दिखता है. वह बताता है कि एक ग्राहक ने उसे कहा था कि न्यू ईयर की रात 12 बजे के बाद टेबल के नीचे बैठकर 12 हरे अंगूर खाने से गुड लक आता है. इसी मान्यता की वजह से लोग बड़ी संख्या में हरे अंगूर खरीदने पहुंचे थे.

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फल विक्रेता की बात सुनकर सामने खड़ी लड़कियां हंसते हुए पूछती हैं कि क्या एक भी अंगूर नहीं बचा? इस पर दुकानदार जवाब देता है कि नहीं, एक भी नहीं.इसके बाद लड़कियां पूछती हैं कि क्या लोगों ने लाल अंगूर भी खरीद लिए होंगे? इस पर दुकानदार साफ करता है कि इस परंपरा में जरूरी सिर्फ हरे अंगूर ही होते हैं, लाल या काले नहीं.

फिर लड़कियों के समूह में से सवाल आता है कि क्या 200–300 लोग अंगूर खरीद ले गए? इस पर दुकानदार जवाब देता है कि इतने तो बिना अंगूर लिए ही वापस चले गए.इस पूरी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और 12 अंगूर वाले ट्रेंड की चर्चा हर तरफ हो रही है.

देखें वायरल वीडियो

 

कहां से आई 12 अंगूर खाने की परंपरा?

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न्यू ईयर की रात 12 हरे अंगूर खाने की परंपरा की जड़ें स्पेन में हैं. इसे वहां Las Doce Uvas de la Suerte” यानी किस्मत के 12 अंगूर कहा जाता है. यह परंपरा 100 साल से भी ज्यादा पुरानी मानी जाती है.

कैसे शुरू हुई यह रस्म?

इतिहासकारों के मुताबिक, इसकी शुरुआत 1909 के आसपास हुई थी. उस साल स्पेन के कुछ इलाकों में अंगूर की रिकॉर्ड पैदावार हुई. किसानों के पास इतना ज्यादा स्टॉक था कि उसे बेचने में मुश्किल आने लगी.
तब व्यापारियों ने एक दिलचस्प तरीका निकाला.न्यू ईयर की रात हर घंटी के साथ एक अंगूर खाने की परंपरा शुरू की गई.धीरे-धीरे यह रिवाज लोकप्रिय होता गया और फिर 12 बजे की 12 घंटियों पर 12 अंगूर खाने का नियम बन गया.

12 अंगूर, 12 महीने

मान्यता है कि न्यू ईयर की रात हर घंटी के साथ एक अंगूर खाने से आने वाले साल के 12 महीने शुभ रहते हैं.कहा जाता है कि अगर कोई बिना रुके सारे 12 अंगूर खा ले, तो उसे पूरे साल खुशकिस्मती, प्यार और सफलता मिलती है.स्पेन की राजधानी Puerta del Sol इस परंपरा का सबसे बड़ा केंद्र मानी जाती है. हर साल हजारों लोग यहां इकट्ठा होकर ठीक 12 बजे घड़ी की हर टिक-टिक के साथ 12 हरे अंगूर खाते हैं.

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कुछ लोग इस रस्म को और खास बनाने के लिए मेज (टेबल) के नीचे बैठकर अंगूर खाते हैं, ताकि उनकी इच्छाएं जल्दी पूरी हों और यही अंदाज अब सोशल मीडिया के ज़रिए भारत तक पहुंच गया है.

भारत में क्यों छा गया ट्रेंड?

रील्स, मीम्स और वायरल वीडियो के ज़रिए यह स्पेनिश परंपरा भारत में अचानक ट्रेंड बन गई. नतीजा यह हुआ कि न्यू ईयर की रात कई शहरों में हरे अंगूर ढूंढना मुश्किल हो गया और लोग बिना अंगूर लिए ही घर लौटते नजर आए.

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