अमेरिका में वैज्ञानिकों ने सुपर कंप्यूटर की मदद से कोरोना वायरस को फैलने से रोकने वाले एक केमिलकल की खोज कर ली है. इससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में दुनिया में मौत का दूसरा नाम बन चुके कोरोना वायरस से लड़ने में बड़ी सफलता मिल सकती है और इसका वैक्सीन तैयार किया जा सकता है.
अमेरिका में दुनिया के सबसे तेज सुपर कंप्यूटर आईबीएएम के जरिए 77 ऐसे ड्रग केमिकल की खोज की गई है जो लोगों को कोरोना वायरस से पीड़ित होने से रोकने में सक्षम है.
शोधकर्ताओं ने 8000 तत्वों के यौगिकों के परीक्षण का विश्लेषण किया जो कोविड 19 यानी की कोरोना वायरस के जीव को बांधने में मदद करेंगे. इससे मानव शरीर की कोशिकाओं में इस वायरस के प्रसार को रोका जा सकेगा.
कोरोना वायरस भारत में अपना पैर लगातार पसारता जा रहा है. शुक्रवार सुबह तक देश में कोरोना से पीड़ित लोगों की संख्या 5000 के पार पहुंच गई. लॉकडाउन के चलते आम जनमानस को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और हजारों मजदूर अपने घरों के लिए पैदल ही निकल रहे हैं.
देश में लॉकडाउन जारी है और यह 14 अप्रैल तक चलेगा. दफ्तर, बाजार, सार्वजनिक परिवहन सबकुछ बंद है. प्रधानमंत्री ने साफ-साफ कहा है कि इन 21 दिनों तक इस देश में कोई भी अपने घर से बाहर कदम नहीं रखेगा. केवल जीवनरक्षक सेवाएं ही इस दौरान जारी रहेंगी.
वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. 15 जिलों के हॉटस्पॉट पूरी
तरह से सील किए जाएंगे. आगरा के 12 थानों में 22 हॉटस्पॉट है. नोएडा में 12
हॉटस्पॉट, कानपुर में 12 हॉटस्पॉट, वाराणसी में 4 हॉटस्पॉट मिले हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया कि कोविड-19 महामारी स्पष्ट तौर पर 'तेज गति से फैल रही है'. हालांकि, संगठन ने कहा कि प्रकोप के 'इस रूख को बदलना ' संभव है.
चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ने ब्रिटेन समेत पूरी दुनिया को
जकड़ लिया है.
देशभर में कोरोना मरीजों की संख्या 5000 को पार कर गई है. अब तक 5194 केस सामने आ चुके हैं, जिसमें से 149 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 402 लोग कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके हैं.