त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने सोमवार को कहा था कि बतख ऑक्सीजन लेवल बढ़ाते हैं. उन्होंने कहा कि बतख बांटने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी. मंगलवार को खबर सामने आने के बाद सोशल साइट पर बिप्लव देव पर सवाल उठाए गए थे. त्रिपुरा के सीएम का इस संबंध में दिया बयान कितना सही है, ये जानने के लिए इंडिया टुडे वायरल टेस्ट टीम ने इसकी पड़ताल का जिम्मा लिया.
बिप्लब देब मंगलवार को त्रिपुरा के रुद्रसागर झील में नौका दौड़ के एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे. वहीं उन्होंने कहा-"जब बतखें पानी में तैरती हैं, तो जलाशय में ऑक्सीजन का स्तर अपने आप बढ़ जाता है. इससे ऑक्सीजन रिसाइकिल होती है. पानी में रहने वाली मछलियों को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है. इस तरह मछलियां तेजी से बढ़ती हैं और ऑर्गनिक तरीके से मत्स्यपालन को बढ़ावा मिलता है!" साथ ही यह भी कहा था कि सरकार गांवों में बतख बांटने की योजना बना रही है. झील के आसपास रहने वाले मछुआरों में 50,000 बतख बांटी जाएंगी. इसके बाद त्रिपुरा के अन्य गांवों में भी बतख बांटी जाएंगी.
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के ओएसडी संजय मिश्रा ने भी कहा, 'मुख्यमंत्री ने बतखों के पानी में तैरने से ऑक्सीजन स्तर बढ़ने वाला जो बयान दिया वो बिल्कुल सही है.' उन्होंने कहा कि कुछ लोग मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश करने के लिए उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और यह पहली बार नहीं हो रहा. मिश्रा ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में किए गए शोध में कहा गया है कि जब बतखों के तैरने से वायुमंडलीय फॉस्फेट और अन्य खनिजों का निर्माण होता है जो हरी शैवाल के विकास में मदद करता है. ये पानी में ऑक्सीजन का प्राथमिक स्रोत भी है.
बयान की पड़ताल से पता चला कि देब ने बतखों को लेकर जो कहा वो वैज्ञानिक दृष्टि से काफी हद तक सही है. विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने भी देब के बयान का समर्थन करते हुए उसे सही बताया है. भारतीय कृषि अनुसंधान और शिक्षा परिषद के वैज्ञानिक ए देबबर्मा के मुताबिक अध्ययनों से सामने आया है कि बतख-मछली पालन एकीकृत खेती है जहां बतखों का सहअस्तित्व मछली के विकास में भी मदद करता है. बतख एक तरह से ‘प्राकृतिक वायुयान’ हैं और इनसे ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है.
ए देबबर्मा ने कहा- 'बतख नेचुरल एरेटर होते हैं और ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने में मदद करते हैं. स्टडी में यह बात साबित हुई है.'
मुख्यमंत्री ने बतख देने की घोषणा के साथ ये भी कहा था कि स्थानीय लोगों को 8 से 10 करोड़ का रोजगार इसी से मिलेगा. उन्होंने इसे मछलियों और टूरिज्म के लिए भी अच्छा बताया.
बिप्लब देब महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट होने का दावा कर भी सुर्खियों में आए थे. उन्होंने ये भी कहा था कि डायना हेडन इंडियन ब्यूटी नहीं हैं. डायना हेडन की जीत फिक्स थी.
वायरल टेस्ट से ये साबित हुआ कि बतखों को लेकर जो बिप्लब देब ने बोला वो सही है. सोशल मीडिया पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पर बेशक कुछ लोग चुटकियां ले रहे हों, लेकिन शोधकर्ता और विशेषज्ञों की मानें तो बिप्लब बतखों के जरिए पानी में ऑक्सीजन बढ़ाने के जिस प्रोजेक्ट को बढ़ावा दे रहे हैं, वो बड़े काम का साबित हो सकता है.