भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बुधवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में शामिल हुईं. इस बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी मौजूद रहे.
किर्गिस्तान की राजधानी में शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए सुषमा स्वराज ने पुलवामा आतंकी हमले और श्रीलंका के ईस्टर हमले का जिक्र किया. उन्होंने कहा, इन घटनाओं ने भारत को आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ता से लड़ने के लिए और अधिक प्रतिबद्ध बनाया है.
स्वराज ने कहा, 'हमारी संवेदनाएं हाल ही में भीषण आतंकवादी कृत्य के गवाह
बने श्रीलंका के हमारे भाइयों एवं बहनों के साथ हैं. पुलवामा हमले से मिले
हमारे जख्म अभी हरे ही थे और तभी पड़ोस से मिली भयावह खबर ने हमें आतंकवाद
के खिलाफ दृढ़ता के लड़ने के लिए और अधिक प्रतिबद्ध बना दिया.'
स्वराज ने कहा कि भारत क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी ढांचे (आरएटीएस) के कार्य को
और प्रभावशाली बनाने के तरीकों संबंधी विचारों को अपनाने के लिए तैयार है.
आरएटीएस विशेष रूप से सुरक्षा संबंधी मामलों को देखता है. उन्होंने कहा,
'अशांत वैश्विक परिदृश्य के बावजूद, एससीओ सदस्य देश राजनीति, रक्षा एवं
विकास समेत विभिन्न क्षेत्रों में आपसी हितकारी सहयोग बढ़ा रहे हैं.'
स्वराज ने चीन एवं अमेरिका के मध्य जारी ट्रेड वॉर पर कहा, 'भारत
नियम आधारित, पारदर्शी, निष्पक्ष, खुली एवं समावेशी बहुपक्षीय व्यापार
प्रणाली अपनाता है जो विश्व व्यापार संगठन के अनुरूप है. भारत एकतरफा और
संरक्षणवाद का दृढ़ता से विरोध करता है.'
इस बैठक के बाद जब विदेश मंत्रियों की ग्रुप फोटो ली जा रही थी तो सुषमा संयोग
से पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बगल में खड़ी हो गई. जब उन्होंने
देखा कि उनके बाएं हाथ की तरफ कुरैशी खड़े हैं तो उन्होंने तुरंत
अपनी जगह बदल ली. इसके बाद, स्वराज की जगह रूस के विदेश मंत्री सेर्गे
लावरोव ने ली.
भारत 2017 में इस समूह का पूर्ण सदस्य बना था और भारत के इसमें शामिल होने
से क्षेत्रीय भू-राजनीति में समूह का महत्व बढ़ गया है. भारत के साथ ही
पाकिस्तान को भी 2017 में एससीओ की सदस्यता मिली थी.