सूरत अग्निकांड में 20 छात्रों की मौत से कहीं अधिक बड़ा हादसा हो सकता था यदि यह आग आम दिनों में लगी होती. इस समय समर वेकेशन चल रहा है जिसकी वजह से कई संस्थान बंद हैं. सूरत के सरथाणा जकात नाका स्थित तक्षशिला आर्केड में एक इंटरनेशनल प्री स्कूल भी चल रहा था जिसमें 250 के करीब बच्चे पढ़ते हैं. (Photo: Ujjval Oza)
आम दिनों में इस बिल्डिंग में 400 के करीब बच्चे आते-जाते थे जो यहां चल रहे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में आते थे. यहीं एक वात्सल्य इंटरनेशनल प्री स्कूल भी है जिसमें करीब 250 छोटे बच्चे पढ़ाई करते हैं. (Photo: Ujjval Oza)
जिस समय बिल्डिंग में आग लगी, वह समय आम दिनों में बच्चों के स्कूल का टाइम भी था. समर वेकेशन की वजह से अभी यह स्कूल बंद था. (Photo: Ujjval Oza)
यदि समर वेकेशन नहीं होता तो बच्चों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ सकता था क्योंकि इस बिल्डिंग में आग, एकमात्र आने-जाने के रास्ते पर लगी. (Photo: Ujjval Oza)
पड़ताल में ये भी सामने आया कि बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर अवैध रूप से फायबर का एसी हॉल बनाया गया था जिसमें कोचिंग चल रही थी. यहां तक पहुंचने के लिए लकड़ी की सीढ़ी बनाई गई थी जो आग में सबसे पहले जली. इसी वजह से चौथी मंजिल से कोई भी छात्र नीचे नहीं उतर सका. (Photo: Ujjval Oza)
बता दें कि शुक्रवार शाम 3 बजकर 40 मिनट पर सूरत के तक्षशिला आर्केड में आग लग गई थी जिस पर 4 घंटे बाद काबू पाया जा सका. लेकिन तब तक 20 छात्रों की मौत हो गई जो यहां के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ाई कर रहे थे. इसमें से 10 छात्र 17 साल की उम्र के थे.