केरल में बारिश लोगों पर कहर बनकर टूट रही है. पिछले 40 साल में यहां सबसे भीषण बाढ़ देखी गई है. 8 जिले बाढ़ की चपेट में है. सेना, नेवी से लेकर एनडीआरएफ राहत कार्य में लगे हुए हैं.
बाढ़ के कारण मरने वालों का आंकड़ा 39 पहुंच चुका है. हजारों लोग बेघर हैं. लोगों को कैंप में ठहराया जा रहा है. उन्हें खाने पीने की सामग्री पहुंचाई जा रही है.
उधर, इडुक्की बांध बारिश के बाद से पूरी तरह भर चुका है. यहां से हर सेकंड 5 लाख लीटर पानी छोड़ा जा रहा है. बांध से छोड़े जा रहे पानी के कारण निचले इलाकों में भी इसका असर दिखाई दे रहा है.
केरल में सेना भी एक ओर से मोर्चा संभाले हुए है. आर्मी की 8 टुकड़ियां यहां लगी हैं. खासकर महिला कमांडो की टुकड़ी भी यहां राहत कार्य में जुटी हुई है.
एयरफोर्स और नेवी भी केरल में राहत कार्य में जुटी हुई है. नेवी ने ऑपरेशन मदद लॉन्च कर दिया है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 14-14 टीमें लगी हैं.
फिलहाल बारिश और बाढ़ के कारण मौत का आंकड़ा 37 तक पहुंच गया है. रविवार को वयनाड में एक 58 वर्षीय महिला की मौत बिल्डिंग गिरने की वजह से हो गई. जबकि 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं.
वयनाड के कलेक्टर ए. आर अजय कुमार ने सभी स्कूल-कॉलेजों को सोमवार को बंद रखने के आदेश दिए हैं. यहां हालात स्थाई होने तक लोगों को पानी वाली जगहों पर जाने से मना किया है.
पोथुनडी डैम के भी तीन दरवाजे खोल गए हैं. चुल्लीयर, वलयर और मीनकारा जलाशयों में भी पानी खतरे के निशान के ऊपर चला गया है. जिसके चलते आस-पास के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है.