दुनियाभर में कोरोना वायरस के मरीजों के संपर्क में आने से कई डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ संक्रमित हो चुके हैं और इनमें से कुछ लोगों की मौत भी हो गई है. असल में कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान बचाव के लिए डॉक्टर और अन्य स्टाफ को पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) की जरूरत होती है. लेकिन कई देशों में पीपीई की भारी कमी है. इसी बीच अमेरिका की एक नर्स का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसमें वह हॉस्पिटल में पर्याप्त मास्क नहीं होने की बात कह रही है.
30 साल की इमरिस वेरा अमेरिका के इलिनॉयस के एक हॉस्पिटल के आईसीयू में काम करती थीं. लेकिन हॉस्पिटल में पर्याप्त मात्रा में मास्क और अन्य इक्विपमेंट नहीं होने की वजह से उन्होंने अप्रैल महीने के आखिर में नौकरी छोड़ दी.
30 अप्रैल को नर्स जब हॉस्पिटल पहुंची तो वहां पर्याप्त मास्क नहीं थे. नर्स का दावा है कि जब उन्होंने खुद का पीपीई इस्तेमाल करने की कोशिश तो मैनेजर ने उन्हें रोक दिया. कथित तौर पर ऐसा नियमों के खिलाफ होने की वजह से किया गया.
इमरिस अपनी बहन के साथ रहती हैं जो एक जटिल खून की बीमारी से जूझ रही हैं. इमरिस का कहना है कि अगर वह कोरोना से संक्रमित हो जाती हैं तो उनकी जिंदगी को खतरा हो सकता है.
इमरिस ने कहा- 'मैं जानती हूं कि मेरी जरूरत है. मैं मदद करना चाहती हूं. लेकिन मुझे लगता है कि यह मेरी जिंदगी या मेरे परिवार की जिंदगी की कीमत पर हो रहा है. यह अस्वीकार्य है.'
डेली मेल टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरिस ने कहा कि अगर जैविक युद्ध हो रहा हो तो आप अपने सैनिकों को बिना गैस मास्क के नहीं भेजते हैं. या फिर बंदूकों के साथ लड़ाई हो रही हो तो हम चाकू के साथ भी नहीं भेजते. इसी तरह मेडिकल स्टाफ की भी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए. इमरिस का कहना है कि वह अब अमेरिका में काम कर रहीं लाखों नर्स की आवाज बनना चाहती हैं.
इंस्टाग्राम पर शेयर वीडियो में इमरिस ने कहा था- 'मैंने आज नौकरी छोड़ दी है. मैं काम करना चाहती थी. मुझे आईसीयू यूनिट में कोरोना मरीज की देखभाल के लिए लगाया गया था. लेकिन वहां कोई नर्स मास्क नहीं पहन रही थी. मेरे पास अपना N95 मास्क था. मैनेजर से कहा कि मैं समझती हूं कि हमारे पास सप्लाई की कमी है, लेकिन मुझे खुद को सुरक्षित रखने दीजिए. लेकिन उन्होंने मना कर दिया.'