आज भारतीय लोक सेवा दिवस यानी सिविल सर्विस डे है. भारत में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सर्विस परीक्षा को सबसे अधिक मुश्किल माना जाता है. उसमें भी टॉप रैंकर्स बनते हैं आईएएस. (फोटो: getty)
ये टॉप रैंकर्स कैसे बनते हैं, इसका फिक्स फॉर्मूला तो अब तक किसी को नहीं मिला लेकिन माना जाता है कि कुछ राज्य ऐसे हैं जिन्होंने इस फॉर्मूले को क्रैक कर लिया है. सोशल मीडिया के अनुसार सबसे ज्यादा आईएएस बिहार से आते हैं. हालांकि यह अब सच नहीं है. (फोटो: getty)
बिहार इन टॉपर्स को पैदा करने में दूसरे नंबर पर है. एक आंकड़े के अनुसार देश भर के कुल 4925 आईएएस अधिकारियों में 462 अकेले बिहार से हैं. यानी, 9.38 प्रतिशत टॉप ब्यूरोक्रेट्स बिहारी हैं. (फोटो: getty)
2007 से 2016 के बीच देश भर से चुने गए कुल 1664 आईएएस अधिकारियों में से बिहार से 125 (7.51 प्रतिशत) शामिल हुए. हालांकि यह बढ़ोतरी अभी बिहार से कुल आईएएस अधिकारियों की संख्या में कम है. (फोटो: getty)
बिहार से सबसे ज्यादा आईएएस अधिकारी 1987 से 1996 के बीच चुने गए. इस दौरान यूपीएससी के जरिए कुल 982 आईएएस अधिकारियों का चयन हुआ, जिसमें अकेले बिहार से 159 अधिकारी शामिल थे. उस समय बिहार से आईएएस बनने की दर 16.19 फीसदी रही. (फोटो: getty)
आपको बता दें कि सबसे ज्यादा आईएएस यूपी ने दिए हैं. 2016 तक इसकी संख्या 731 थी. (फोटो: getty)
2011 से 2015 के बीच यूपी ने 118 आईएएस दिए. वहीं बिहार इस मामले में काफी पीछे रह गया. बिहार से सिर्फ 68 आईएएस निकले. (फोटो: getty)
इस दौरान 97 आईएएस के साथ दूसरे नंबर पर राजस्थान और 90 आईएएस के साथ तमिलनाडु रहा. इसके बाद बिहार का नंबर आता है. इनके अलावा आंध्र प्रदेश से भी काफी आईएएस आते हैं. (फोटो: getty)