39 साल की मरियम नाबातांजी ने अब तक 44 बच्चों को जन्म दिया है. उनके 4 बच्चों की मौत हो चुकी है लेकिन 40 बच्चे सही सलामत है. वह युगांडा की राजधानी कंपाला के पास एक गांव में रहती हैं.
(तस्वीर- रॉयटर्स)
मरियम नाबातांजी की शादी 12 वर्ष की उम्र में ही हो गई थी. शादी के एक साल बाद ही उसने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था. उसके बाद 5 जुड़वा और पैदा हुए. चार बार उनके तीन बच्चे और पांच बार चार बच्चे एक साथ पैदा हुए.
मरियम ने कहा, हर बच्चे के जन्म के बाद मैं नसबंदी कराने अस्पताल पहुंची. डॉक्टर्स ने कहा कि मेरे शरीर में बहुत सारे अंडाणु हैं इसलिए मुझे बच्चे पैदा करते रहना
चाहिए. मुझे अच्छा लगता है कि मेरा परिवार है.
मरियम जड़ी-बूटी बेचकर थोड़ा
बहुत कमाती हैं इसलिए गुजारा मुश्किल से ही होता है. 39 वर्षीय मरियम के पति ने उसे तीन साल पहले छोड़ दिया था और अब उसे अकेले
ही अपने 38 बच्चों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है. नाबातांजी की जिंदगी
का ये एक और दुखद अध्याय था.
जब नाबातांजी के पहले जुड़वा पैदा हुए तो वह डॉक्टर के पास गईं. डॉक्टर ने
उन्हें बताया कि उनकी ओवरीज बहुत बड़ी हैं. डॉक्टर ने उन्हें बर्थ कंट्रोल
नहीं लेने की सलाह दी क्योंकि इससे उनके स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो सकता
था.
नाबातांजी कई बार गर्भवती होने के बाद फिर अस्पताल पहुंचीं लेकिन अभी
भी डॉक्टरों ने वही बात दोहराई. इसके बाद मरियम ने गर्भवती होना और बच्चों
को जन्म देना जारी रखा.
(तस्वीर- जाम्बिया चैनल)
स्थानीय डॉक्टर ने कहा, 13 साल की उम्र में तब वह यह तय करने की हालत में नहीं थी
कि उसे कितने बच्चे चाहिए. तब वह खुद बच्ची थी. उसे ठीक से पता भी नहीं था
कि बच्चे कैसे होते हैं. बहुत चिंता की बात है कि इस महिला ने 42 बच्चों को
जन्म दिया. लेकिन मैं उसे कभी जन्म नियंत्रण की सलाह नहीं दूंगी.
युगांडा में हर महिला करीब 5 बच्चों को जन्म देती है जोकि वैश्विक औसत का दोगुना है. लेकिन युगांडा में भी नाबातांजी का परिवार उन्हें बिल्कुल अलग कतार में खड़ा कर देता है. गिनीज विश्व रिकॉर्ड का नाम एक रूसी महिला के नाम है जिसके 27 प्रेग्नेंसी से 69 बच्चे थे.
ढाई साल पहले नाबातांजी की आखिरी प्रेग्नेंसी में कई जटिलताएं थी. ये उसके 6वें जुड़वा थे. जन्म के समय उनमें से एक की मौत हो गई थी. लंबे वक्त के लिए गायब रहने वाले महिला के पति ने उसे हमेशा के लिए छोड़ दिया. नाबातांजी अब अपने पति का जिक्र भी नहीं करना चाहती हैं.
वह कहती हैं, मैंने आंसुओं में ही जिंदगी गुजारी है, मेरे पति ने मुझे बहुत दुख से गुजरने पर मजबूर किया है. इसके बाद वह अपने पति को कुछ अपशब्द कहती हैं.
(तस्वीर- Kassim Kayira/facebook )
मरियम जब टीनेज थीं तो उन्होंने शादीशुदा जिंदगी का सफर बहुत ही मुश्किल पाया. वह बताती हैं, मेरे पति के पहले के रिश्ते से भी बच्चे थे और मुझे उनकी मां के तौर पर देखभाल करनी पड़ती थी क्योंकि उनकी माएं उनसे अलग थीं. मेरा पति बहुत हिंसक था और मौका मिलने पर मुझे पीटता था.
मरियम को अपने बच्चों के होने पर कोई अफसोस नहीं है और वह कहती हैं कि
बच्चे भगवान के आशीर्वाद की तरह हैं. बस एक ही चीज उन्हें परेशान करती है
कि उनके बच्चे बिना पिता के साये के पल रहे हैं. पहले मेरे पति कुछ महीनों
या सालों के लिए गायब होते थे लेकिन आखिरकार वह हमेशा के लिए ही छोड़कर चला
गया. बच्चों की परवरिश में उसका कोई योगदान नहीं रहा, सिवाय उनका नाम रखने
के, वह भी कई बार फोन पर होता था. उनका सबसे बड़ा बेटा 23 साल का है और
उसका कहना है कि 13 साल की उम्र के बाद से उसने अपने पिता को नहीं देखा है.
पैसे कमाने के लिए नाबातांजी हेयरड्रेसिंग से लेकर कबाड़-दवाइयां बेचने समेत कई काम कर चुकी हैं. उनके लिए परिवार चलाना बहुत ही मुश्किल है.
नाबातांजी के सबसे बड़े बच्चे इवान किबुका ने कहा, काम की वजह से
वह थक चुकी है, वह हमेशा भावुक हो जाती हैं. हम जहां मदद कर सकते हैं, उनकी
मदद करते हैं लेकिन इसके बाद भी उनके ऊपर परिवार का बहुत बड़ा बोझ है.
(तस्वीर- Kassim Kayira/facebook )
मरियम ने कहा, "मैंने कम उम्र में ही बड़ों की जिम्मेदारियां उठाना शुरू कर दिया. मुझे लगता है कि मैं जब से पैदा हुई, कभी खुशी महसूस नहीं कर पाई." नाबातांजी की अब सबसे बड़ी ख्वाहिश है कि उनके बच्चे खुशहाल जिंदगी जिएं.