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21 देशों में सर्वर हैक, 94 करोड़ लूटे, ऐसे हुई सबसे बड़ी साइबर लूट

आदित्य बिड़वई
  • 15 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 1:34 PM IST
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पुणे के कॉसमॉस बैंक में हुए देश के सबसे बड़े साइबर अटैक ने बैंकिंग सेक्टर की नींद उड़ा रखी है. सर्वर हैक कर साइबर अपराधियों ने 94.42 करोड़ रुपये चुरा लिए. इतनी बड़ी धोखाधड़ी को आखिर हैकर्स ने कैसे अंजाम दिया आइए जानते हैं...

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पुलिस सूत्रों ने बताया कि हैकर्स ने 13 हजार ग्राहकों के रूपे और वीसा डेबिट कार्ड्स की क्लोनिंग की. इसके बाद बैंक के उस स्विचिंग सिस्टम पर मालवेयर अटैक किया, जो वीसा और रूपे कार्ड्स के लिए पेमेंट गेटवे के तौर पर इस्तेमाल होता है.

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इसके बाद हैकर्स ने नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के समानांतर सिस्टम बनाया. जिसके जरिये उन्होंने खुद ट्रांजैक्शन अप्रूव कर किए. तीन मौकों पर 94 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर लिए.

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हैकर्स ने बेहद शातिर तरीके से रकम 11 और 13 अगस्त को तीन अलग-अलग मौकों पर निकाली. हैरानी की बात तो यह कि यह रकम 21 देशों में अलग-अलग जगहों पर एटीएम व अन्य माध्यमों से निकाली गई.

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कुल 14 हजार से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए. बताया जा रहा है कि 11 अगस्त को 450 इंटरनेशनल वीसा डेबिट कार्ड के जरिये 78 करोड़ रुपये भारत से बाहर ट्रांसफर किए गए.

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पुलिस ने बताया कि 2 घंटे 13 मिनट में 12 हजार से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए. दूसरी बार 400 कार्ड की डिटेल से 2,849 ट्रांजेक्शन हुए. 13 अगस्त को हैकर्स ने फिर 13.92 करोड़ रु. हांगकांग के हैंग सेंग बैंक में एएलएम ट्रेडिंग लिमिटेड कंपनी के खाते में भेजे और तुरंत ही रकम निकाल ली.

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हैरानी की बात तो यह है कि इस पूरी घटना की खबर रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया को तक नहीं थी. जब वीसा और रूपे की ओर से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को धोखाधड़ी की जानकारी दी गई तब इसका खुलासा हुआ. इसके बाद चतुरशृंगी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई.  

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