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जानें मैगजीन और खुद के बारे में क्या सोचते थे ह्यू हेफनर

aajtak.in
  • 28 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 4:26 PM IST
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प्लेबॉय के संस्थापक ह्यू हेफनर का बुधवार रात कैलिफोर्निया में निधन हो गया है. आइए जानते हैं ह्यू हेफनर खुद अपने बारे में और अपनी मैगजीन प्लेबॉय के बारे में क्या सोचते थे...

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हेफनर ने सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में कहा था- "मैं चाहूंगा कि मुझे ऐसे शख्स के तौर पर याद रखा जाए, जिसने सकारात्मक तरीके से दुनिया में बदलाव किया और समाज की यौन भावना में बदलाव लेकर आया." उन्होंने यह भी कहा था- "मैं एक बच्चा हूं जिसने सपना देखा और इसे साकार किया."

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प्लेबॉय मैगजीन के बारे में उन्होंने कहा था- "मैंने कभी नहीं सोचा था कि प्लेबॉय को 'सेक्स मैगजीन' के तौर पर प्रसिद्धि मिलेगी. मैंने हमेशा इसे लाइफस्टाइल पत्रिका के तौर पर सोचकर शुरू किया था, सेक्स जिसका महत्वपूर्ण भाग था."

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हेफनर ने 1953 में 600 डॉलर के साथ प्लेबॉय शुरू की थी और जल्द ही इस पत्रिका को अरबों डॉलर के साम्राज्य के तौर पर खड़ा कर दिया था.

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1970 के दशक में जब यह पत्रिका अपने स्वर्णिम दौर में थी, उस समय प्लेबॉय के टीवी शो, जैज फेस्टिवल और प्लेबॉय क्लब हुआ करते थे, जहां कॉकटेल वेट्रेस नकली खरगोश के कान लगाए ग्राहकों को आकर्षित करती थीं.

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हेफनर का जन्म नौ अप्रैल 1926 को शिकागो में हुआ था. उनके पिता ग्लेन हेफनर एक अकाउंटेंट और मां ग्रेस हेफनर एक शिक्षिका थीं. हेफनर द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद एस्क्वायर पत्रिका में प्रमोशनल कॉपीराइटर बन गए. लेकिन वहां इन्क्रीमेंट नहीं मिली तो उन्होंने नौकरी छोड़ दी.

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उन्होंने 1971 में लॉस एंजेलिस में प्रसिद्ध प्लेबॉय मेंशन खरीदा था, जो बाद में उनका घर बन गया और वहां रात के समय रंगीन पार्टियां हुआ करती थीं, जिसमें हॉलीवुड और इसके बाहर के सेलिब्रिटी आया करते थे.

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निवेशकों से 10,000 डॉलर जुटाने के बाद हेफनर ने 27 वर्ष की उम्र में दिसंबर 1953 में प्लेबॉय का पहला अंक प्रकाशित किया और इसके मुखपृष्ठ पर मर्लिन मुनरो छपी हुई थी. प्लेबॉय को बाजार में हाथोंहाथ लिया गया और इसकी बाजार में 50,000 प्रतियां बिकीं.

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