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कोरोना की तबाही देख खौफ में चीन के युवा, मौत के डर से जवानी में बनवा रहे अपनी वसीयत

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 10 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 8:56 AM IST
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बीते साल 2020 में चीन के वुहान शहर से ही दुनिया भर में कोरोना वायरस के फैलने की शुरुआत हुई थी जिसने अब एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. जिस चीन से संक्रमण की शुरुआत हुई थी वहां के युवा अब इस महमारी से इस कदर डर गए हैं कि वो मौत के डर से अभी ही अपनी वसीयत बनवाने लगे हैं.

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चाइना रजिस्ट्रेशन सेंटर की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण मौत के डर से ज्यादातर युवा चीनी अपनी वसीयत बनवा रहे हैं. चीनी पंजीकरण केंद्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए, साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (एससीएमपी) ने बताया कि ज्यादातर चीनी नागरिक पहले से कहीं अधिक इच्छाशक्ति के साथ अपनी वसीयत बना रहे हैं.

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रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 से 2020 तक में 1990 के बाद पैदा हुए ऐसे युवाओं की संख्या में बीते साल की तुलना 60 फीसदी का इजाफा हुआ है जो अपनी वसीयत तैयार करवा रहे हैं. पिछले अगस्त से लेकर अब तक परामर्श केंद्र में वसीयत बनवाने को लेकर आने वाली कॉल में तीगुने का इजाफा हो गया है. चीनी लोगों अपने घर और संपत्ति की व्यवस्था के लिए  ऐसी सलाह ले रहे हैं.

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एससीएमपी के एक लेख में किन चेन ने लिखा है कि मृत्यु के बारे में चर्चा के प्रति सामाजिक टकराव के कारण चीन में कई लोगों के लिए इसकी तैयारी एक वर्जित विषय रहेगी. शिन्हुआ ने सोमवार को सूचना दी कि एक 18 वर्षीय छात्र जिसका नाम शियाओहोंग  है, उसने अपनी 20,000 युआन की संपत्ति के वसीयत को तैयार करवाने के लिए शंघाई के एक सेंटर पर पहुंचा था.

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उसने कहा कि उसने अपनी बचत वसीयत में एक दोस्त को देने का फैसला किया है जिसने कठिन समय के दौरान उसकी मदद की और उसका समर्थन किया. रिपोर्ट बताती है कि 80 प्रतिशत से अधिक युवा बचत किसी और को देने के लिए इच्छाशक्ति के साथ तैयार है जबकि कम से कम 70 प्रतिशत अचल संपत्ति के लिए वसीयत बनवा रहे हैं.

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ग्वांगडोंग में चाइना विल ऑर्गनाइजेशन के निदेशक यांग यिंगी ने राज्य प्रसारक सीसीटीवी को बताया कि कोरोना वायरस महामारी ने कई युवा चीनियों को मौत के बारे में सोचने के लिए प्रेरित कर दिया है. "महामारी के दौरान, युवा लोगों ने अधिक सोचना शुरू कर दिया. वे सोच रहे हैं कि अगर वे मर जाते हैं तो उनके माता-पिता और बच्चों की देखभाल कौन करेगा, उनकी संपत्ति का क्या होगा."

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चीनी कानून के मुताबिक 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति वसीयत लिख सकता है, जबकि 16 वर्ष की आयु के लोग स्वतंत्र रूप से पैसे कमाने का स्त्रोत बना सकते हैं. चीन में, नागरिकों की औसत आयु 67 साल है.
 

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