दिल्ली में बवाना की एक फैक्ट्री में आग लगने से कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है. मृतकों में काफी संख्या महिलाओं की हैं. हादसे की कई दिल दहला देने वाली फोटोज सामने आई हैं. हादसे में 13 लोग पहली मंजिल, 3 ग्राउंड फ्लोर और एक की मौत बेसमेंट में हुई है. आइए देखते हैं घटना की कुछ PHOTOS...
बताया जा रहा कि आग प्लास्टिक के गोदाम से शुरू हुई जो पास ही मौजूद पटाखा फैक्ट्री तक पहुंच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई लोगों ने जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी.
फैक्ट्री मालिक मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया गया है. पीएम मोदी ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस हादसे पर दुख जताया है.
वहीं केजरीवाल ने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है. साथ ही गंभीर रूप से घायल लोगों को 1 लाख रुपये देने का ऐलान किया है.
केजरीवाल को मौके पर विरोध का सामना करना पड़ा. वहां मौजूद लोगों ने केजरीवाल हाय हाय के नारे लगाए.
केजरीवाल ने इस मामले की जांच के आदेश देते हुए कहा कि राहत के कामों पर हमारी नजर है.
नॉर्थ एमसीडी मेयर प्रीति अग्रवाल मौके पर पहुंची. साथ ही दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी भी मौके पर पहुंचे. एमसीडी मेयर ने भी जांच के आदेश दिए हैं.
पटाखा फैक्ट्री को अग्निशमन विभाग से एनओसी भी नहीं थी. डीसीपी रोहिणी ने कहा है कि शुरुआत जानकारी के अनुसार दो पार्टनर मनोज जैन और ललित गोयल के शामिल होने की बात सामने आ रही है.
डीसीपी रोहिणी ने बताया कि हालांकि मनोज जैन के बयान के अनुसार वह अकेले फैक्ट्री चलाता है और उसने यह बिल्डिंग किराए पर ली थी.
यह पता लगाया जा रहा है कि यह उनके मालिक हैं या उन्होंने इस बिल्डिंग को किराये पर लिया था. वहीं डीसीपी, रोहिणी ने कहा है कि एक घायल मजदूर के अनुसार पटाखों बाहर से आते थे और उनकी पैकिंग यहां होती थी.
वहीं एसडीएम का कहना है कि लाइसेंस जारी करने का काम एमसीडी का होता है.
विधायक कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली में अवैध पटाखा फैक्ट्री न चले, इसकी जिम्मेदारी सत्येंद्र जैन की होनी चाहिए थी और अवैध पटाखा न बने, इसकी जिम्मेदारी इमरान हुसैन की. ऐसे में इन 17 मौतों का जिम्मेदार कौन? कपिल ने तंज भरते हुए कहा कि कि सवाल मत पूछना लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा.
हादसे के वक्त आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला.
शुरुआती खबरों में 9 लोगों के मौत की खबर थी जो बाद में बढ़कर 17 तक पहुंच गई. मौके पर दमकल की करीब 10 गाड़ियां पहुंची थी.
हादसे के बाद दिल्ली के कई नेता घटनास्थल पर पहुंचते रहे.