'टाइम्स ऑफ इंडिया' से बातचीत में पीड़ित महिला ने उस दिन की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी सुनाई है. महिला ने बताया कि उसने जितना प्रतिरोध किया, पांचों युवकों ने उसे और उसके पति को उतना ही ज्यादा प्रताड़ित किया.
गैंगरेप करीब 3 घंटे तक चलता रहा. आरोपी यहीं नहीं रुके बल्कि एक ने गैंगरेप के 11 वीडियो बना लिए ताकि ब्लैकमेलिंग कर कैश वसूला जा सके.
पीड़ित महिला के देवर ने बताया, मेरा भाई जयपुर में काम करता है और उसकी पत्नी थानागाजी में अपने माता-पिता के साथ रहती है. 26 अप्रैल को अलवर में वे शॉपिंग करने गए थे. जब वे अपनी बाइक पर थे तो पांचों आरोपी दो मोटरसायकल पर थे और सूनसान सड़क पर उनका पीछा करने लगे. उन्होंने मेरे भाई को रुकने पर मजबूर किया. उसके बाद उन्होंने उनकी बाइक से घसीटकर सड़क के किनारे निर्जन इलाके में ले गए.
इसके बाद कपल के कपड़े उतार दिए गए और वीडियो बना लिया. उन्होंने मेरे भाई और भाभी को डंडों से पीटा. भाभी ने उन्हें रोकने की कोशिश की. लेकिन उसने जितना मना किया, उन्होंने उसे उतना ही पीटा. अपने पति को बचाने के लिए उन्होंने आखिरकार खुद को सरेंडर कर दिया.
वे बारी-बारी से उनका रेप करते रहे और यह सब करीब 3 घंटे तक चलता रहा. आरोपियों ने कपल से 2000 रुपए भी छीन लिए.
पीड़िता के देवर ने आगे बताया, "मेरी भाभी ने बाइक को धक्का दिया और मेरे भाई ने किसी तरह खड्डे से गाड़ी निकाली. यातना के तीन घंटों के बाद उन्हें ये सब करना पड़ा. उन्हें अपनी आपबीती बताने में 3 दिन लग गए. दोनों कई दिनों तक सदमे में ही थे."
पांचों आरोपियों में से एक ने कपल को बाद में कॉल कर उनसे रेप के वीडियो डिलीट करने के बदले 9000 रुपए भी मांगे.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड भी कर दिया गया था जो सोमवार को वायरल हो गया था. महिला ने बताया कि पहले तो एक बार उन्होंने पैसे दे दिए लेकिन दोबारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया.
पीड़ित महिला के पति ने कहा- 'मेरी आंखों के सामने 5 लोगों ने बारी-बारी से मेरी पत्नी का रेप किया. एक आरोपी ने दोबारा भी रेप किया. वह गैंग के सरदार की तरह बर्ताव कर रहा था.
पांचों वहशियों ने पति के सामने उसकी पत्नी के साथ एक-एक करके गैंग रेप किया और उसका वीडियो भी बना लिया. पति बार-बार पत्नी को छोड़ने की गुहार लगा रहा था. मगर ये वहशी मानने को तैयार नहीं थे. वे उसे डंडों से पीटते जा रहे थे.
इन पांच वहशियों ने पति को इतना मारा कि पत्नी को उनकी जिद के आगे झुकना पड़ा. जितनी बार पति विरोध करता. पत्नी पर उनकी हैवानियत उतनी बार बढ़ती जा रही थी.
इन तीनों के अलावा इनके पांचवें साथी ने जिसने नीले रंग की टी-शर्ट पहन रखी है, लड़की को छुड़ाने की कोशिश की मगर उसके बाकी साथियों ने उसकी बात को अनसुना कर के उसे ही वहां से हटा दिया.
करीब तीन घंटे तक ये वहशी बेबस लड़की से बलात्कार करते रहे. और जब उन्हें लगा कि इन्हें जिंदा छोड़ना उनके लिए खतरनाक हो सकता है तो उन्हें धमकाने लगे कि वीडियो वायरल कर देंगे. इतना ही नहीं पीड़ित लड़के के पर्स से जाते जाते पैसे भी ले गए और वीडियो वायरल ना करने के लिए 10 हजार रुपये बाद में देने को भी कह गए.
पीड़ित महिला के पति ने कहा, 26 अप्रैल को हमारे साथ जो हुआ, वह किसी भयावह सपने से कम नहीं था. जब वीडियो हमारे पड़ोस के लोगों के बीच फैलने लगा तो हमारी गरिमा बिल्कुल खत्म हो गई थी. जब हमने पुलिस को सूचना दी तो उनकी प्रतिक्रिया बहुत निराश करने वाली थी.
वारदात के बाद पति और पत्नी इस कदर सदमे में चले गए कि पुलिस के पास जाने के बजाए घर जाकर खामोश बैठ गए. फिर दो तीन दिन खामोश रहने के बाद पति और पत्नी ने तय किया कि वो अब चुप नहीं बैठेंगे और आरोपियों को सजा दिलाकर रहेंगे. तब जाकर कहीं ये वहशियाना गैंगरेप की वारदात दुनिया के सामने आई.
पुलिस के ने घटना के 12 दिन बाद अब जाकर 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर ही लिया है.
गिरफ्तार हो चुके आरोपियों के नाम अशोक गुज्जर, मुकेश गुज्जर और इंद्रराज
गुज्जर हैं. इंद्रराज गुज्जर को ट्रक ड्राइवर बताया जा रहा है.
पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो शेयर करने के लिए मुकेश गुज्जर जिम्मेदार है.