पहाड़ों की सैर और चॉकलेट का स्वाद, क्या देखा है भारत का यह 'चॉकलेट टाउन'

नीलगिरी की पहाड़ियों में बसा भारत का एक मशहूर हिल स्टेशन आज सिर्फ अपनी ठंडी हवाओं और खूबसूरत नजारों के लिए नहीं, बल्कि चॉकलेट टाउन के नाम से भी जाना जाने लगा है. यहां की गलियों में फैली घर में बनी चॉकलेट की खुशबू और सालों पुरानी कारीगरी ने इस शहर को खास पहचान दिलाई है.

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बादलों के बीच स्वाद का नया ठिकाना (Photo: Pexels) बादलों के बीच स्वाद का नया ठिकाना (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 03 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:22 PM IST

अक्सर जब हम पहाड़ों की सैर पर निकलते हैं, तो हमें चाय के बागान और खूबसूरत वादियां याद आती हैं. लेकिन भारत के दक्षिण में एक ऐसा शहर है, जिसकी पहचान अब उसके जायके से होने लगी है. तमिलनाडु की नीलगिरी पहाड़ियों में बसा यह खूबसूरत शहर आज 'भारत का चॉकलेट टाउन' कहलाता है. यहां की ठंडी हवाओं में कोको की खुशबू घुली रहती है. बिना किसी बड़े शोर-शराबे के, इस शहर ने अपने हाथों से बनी चॉकलेट की वजह से दुनिया भर के पर्यटकों का दिल जीत लिया है. आइए जानते हैं, आखिर कौन सा है यह शहर और क्यों यहां की चॉकलेट इतनी मशहूर है.

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हम बात कर रहे हैं तमिलनाडु के मशहूर हिल स्टेशन ऊटी की. जो कि अपनी खूबसूरती के लिए तो प्रसिद्ध है ही, लेकिन अब इसे 'चॉकलेट सिटी' भी कहा जाता है. यहां चॉकलेट बनाने का काम किसी बड़ी फैक्ट्री में नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के घरों और छोटी दुकानों में होता है. सालों से चली आ रही इस परंपरा ने ऊटी को एक नई पहचान दी है. आज हालत यह है कि ऊटी आने वाला हर सैलानी यहां से चॉकलेट खरीदे बिना वापस नहीं जाता.

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ठंडा मौसम बना सबसे बड़ी वजह

ऊटी को 'चॉकलेट टाउन' बनाने में यहां के मौसम का सबसे बड़ा हाथ है. चॉकलेट को सही तरीके से जमाने और उसे रखने के लिए ठंडे तापमान की जरूरत होती है. ऊटी में साल भर ठंडक रहती है, जिससे यहां चॉकलेट बनाना और उसे स्टोर करना बहुत आसान हो जाता है. इसी प्राकृतिक फायदे की वजह से यहां के स्थानीय लोगों ने छोटे पैमाने पर चॉकलेट बनाना शुरू किया, जो आज एक बड़ा उद्योग बन चुका है.

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बाजार में मिलने वाली मशीनी चॉकलेट के मुकाबले ऊटी की चॉकलेट काफी अलग होती है. यहां आज भी मशीनों के बजाय हाथों का ज्यादा इस्तेमाल होता है, जिसे 'होममेड चॉकलेट' कहा जाता है. इसमें ताजे दूध, मलाई और शुद्ध कोको का इस्तेमाल होता है. यहां आपको डार्क चॉकलेट, व्हाइट चॉकलेट और मेवों से भरी कई वैरायटी मिल जाएंगी. कई दुकानों पर तो आप खुद अपनी आंखों से चॉकलेट बनते हुए देख सकते हैं.

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हर सैलानी की पहली पसंद

ऊटी के मुख्य बाजारों और पर्यटन स्थलों के पास आपको ढेर सारी चॉकलेट की दुकानें मिल जाएंगी. कांच के काउंटरों में सजी ये रंग-बिरंगी चॉकलेट्स बच्चों से लेकर बड़ों तक सबका मन मोह लेती हैं. पर्यटकों के लिए यहां से चॉकलेट खरीदना एक रिवाज जैसा बन गया है. लोग इसे न केवल खुद खाते हैं, बल्कि अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए तोहफे के तौर पर भी ले जाते हैं. यही वजह है कि ऊटी का शांत माहौल और यहां का सुहावना मौसम इस चॉकलेट के स्वाद को और भी बढ़ा देता है. पहाड़ों की धुंध और ठंडी हवाओं के बीच यहां की ताजा चॉकलेट चखना एक अलग ही अनुभव है.
 

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