सिर्फ कॉफी नहीं, सुकून भी! दक्षिण भारत के 5 खूबसूरत बागान जो आपकी थकान मिटा देंगे

भागदौड़ भरी जिंदगी से अगर मन ऊब गया है और आप सुकून की तलाश में हैं, तो दक्षिण भारत के कॉफी बागान आपके लिए परफेक्ट ठिकाना हैं. ये डेस्टिनेशन न केवल आपकी थकान मिटाएंगे बल्कि आपकी छुट्टियों को यादगार बना देंगे.

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हरियाली ऐसी कि आंखें ठंडी हो जाएं (Photo: Pexels) हरियाली ऐसी कि आंखें ठंडी हो जाएं (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 12 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:34 AM IST

अक्सर हम रोज़ाना की भागदौड़ में इतने खो जाते हैं कि खुद के लिए थोड़ा सुकून ढूंढना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में बस मन करता है कि कहीं ऐसी जगह चले जाएं जहां ताजी हवा हो, चारों तरफ हरियाली हो और हाथ में एक कप कड़क कॉफी. दक्षिण भारत के पहाड़ी रास्तों पर फैली कॉफी की खुशबू में कुछ ऐसा ही जादू है. यहां कॉफी सिर्फ एक प्याला भर नहीं है, बल्कि पहाड़ों पर बिताए गए उन सुकून भरे पलों का नाम है जो आपकी रूह को ताजा कर देते हैं. अगर आप भी अपनी अगली छुट्टियों में शोर-शराबे से दूर कुदरत की गोद में बैठना चाहते हैं, तो दक्षिण भारत के ये हिस्से आपको एक नया जीवन महसूस कराएंगे.

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जहां फिजाओं में घुली है कॉफी

अपनी यात्रा की शुरुआत आप कर्नाटक के कूर्ग से कर सकते हैं, जिसे भारत की 'कॉफी राजधानी' कहा जाता है. यहां जिधर भी नजर घुमाओ, बस कॉफी के घने बागान और ऊंचे पेड़ दिखाई देते हैं. कूर्ग की असल खूबसूरती यहां के बागानों के बीच बने घरों (होमस्टे) में रुकने में है, जहां सुबह की पहली किरण कॉफी की झाड़ियों पर पड़ते ही एक जादुई नजारा पेश करती है. इतना ही नहीं, अगर आप इस हरियाली के साथ झरनों और घने जंगलों का मेल देखना चाहते हैं, तो केरल का वायनाड आपका दिल जीत लेगा. यहां की पहाड़ियों पर जैविक तरीके से कॉफी उगाई जाती है, जिसकी सौंधी खुशबू पूरी हवा में घुली रहती है. यहां का शांत माहौल और चिड़ियों की चहचहाहट यह अहसास कराती है कि असली खुशी कुदरत के साथ वक्त बिताने में ही है.

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इसके अलावा, यदि आप कॉफी के इतिहास में रुचि रखते हैं, तो आपको चिकमगलूर की ओर रुख करना चाहिए. इसे भारत में कॉफी की जन्मभूमि माना जाता है, जहां सदियों पहले कॉफी का पहला बीज बोया गया था. यहां की ठंडी आबोहवा में आप न सिर्फ शानदार फिल्टर कॉफी का मजा ले सकते हैं, बल्कि यह भी देख सकते हैं कि आपके प्याले तक पहुंचने से पहले कॉफी का दाना कितनी मेहनत से तैयार होता है. ठीक इसी तरह, जो लोग बहुत ज्यादा भीड़भाड़ से दूर एकांत की तलाश में हैं, उनके लिए तमिलनाडु का येरकौड एक आदर्श ठिकाना साबित होता है. यहां के पुराने बागान और औपनिवेशिक दौर की याद दिलाती सड़कें आपको एक अलग ही जमाने में ले जाती हैं, जहां धुंध भरी शामें कॉफी के साथ और भी हसीन हो जाती हैं.

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अंत में, इस सफर को एक यादगार मोड़ देने के लिए आंध्र प्रदेश की अराकू घाटी जाना एक बेहतरीन फैसला होगा. यहां की कहानी बाकी जगहों से थोड़ी अलग है, क्योंकि इस जगह की खास कॉफी को स्थानीय आदिवासी समुदायों द्वारा बड़े जतन से उगाया जाता है. यहां का 'कॉफी म्यूजियम' और बागानों तक पहुंचने वाला रेल का खूबसूरत रास्ता आपकी पूरी ट्रिप को मुकम्मल कर देता है.
 

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