दिल्ली-मुंबई रह गए पीछे! छोटे शहरों के लोग खूब घूम रहे हैं विदेश, दुबई बना बेस्ट डेस्टिनेशन

कभी विदेश यात्रा सिर्फ महानगरों की शान मानी जाती थी, लेकिन अब छोटे शहरों के बढ़ते दम ने पूरी तस्वीर बदल दी है. आखिर कैसे टियर-2 और टियर-3 शहर भारत की विदेश यात्रा की नई दिशा तय कर रहे हैं? जानिए जमीन की बढ़ती कीमतों और सीधी उड़ानों ने कैसे छोटे शहरों के सपनों को लगा दिए हैं 'ग्लोबल' पंख.

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सीधी उड़ान ने आसान बनाया सफर (Photo: AP) सीधी उड़ान ने आसान बनाया सफर (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:05 PM IST

कुछ साल पहले तक विदेश यात्रा को बड़े शहरों से जोड़कर देखा जाता था. माना जाता था कि विदेश घूमना सिर्फ दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे महानगरों के लोगों की बात है. लेकिन अब यह तस्वीर तेजी से बदल रही है. आज भारत की विदेश यात्रा की दिशा छोटे शहर तय कर रहे हैं. टियर-2 और टियर-3 शहरों के लोग अब न सिर्फ विदेश जा रहे हैं, बल्कि पूरे आत्मविश्वास के साथ यात्रा पर खर्च भी कर रहे हैं.

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परिवार के साथ विदेश में छुट्टियां बिताने की चाह हो, बेहतर इलाज के लिए बाहर जाना हो, बच्चों की पढ़ाई का सपना पूरा करना हो या फिर बिजनेस के सिलसिले में सफर, हर वजह से अब छोटे शहरों के लोग बेझिझक पासपोर्ट बनवा रहे हैं और विदेश यात्रा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. इंदौर, सूरत, जयपुर, लखनऊ जैसे शहर अब ग्लोबल ट्रैवल मैप पर अपनी जगह बना चुके हैं.

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सैलरी नहीं, अब संपत्ति बना रही है विदेश यात्रा का रास्ता

इंडिया टुडे से बातचीत में माइक्रोमिट्टी के फाउंडर और सीईओ मनोज धनोतिया बताते हैं कि छोटे शहरों से विदेश यात्रा का बढ़ना कोई अचानक आया ट्रेंड नहीं है. उनके मुताबिक, कोविड के बाद कई शहरों में जमीन और प्रॉपर्टी की कीमतें तेजी से बढ़ीं, जिससे लोगों के हाथ में खर्च करने लायक पैसा आया. धनोतिया कहते हैं कि पहले विदेश यात्रा वेतन पर निर्भर होती थी, लेकिन अब यह संपत्ति पर आधारित हो गई है. जिन लोगों के पास पहले जमीन थी लेकिन नकदी नहीं थी, अब वही लोग विदेश घूमने की योजना बना रहे हैं. इसी वजह से विदेश जाना अब सिर्फ सपना नहीं रहा, बल्कि एक सामान्य फैसला बन गया है.

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सीधी उड़ान और आसान वीजा ने बदली सोच

इस बदलाव को सबसे ज्यादा रफ्तार दी है सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों ने. जब इंदौर से दुबई या जयपुर से बैंकॉक की सीधी फ्लाइट शुरू होती है, तो लोगों का मनोबल अपने आप बढ़ जाता है. लंबा रास्ता, बार-बार फ्लाइट बदलने की झंझट और डर सब खत्म हो जाता है. इस पर पृथ्वी एक्सचेंज के एमडी पवन कवाद बताते हैं कि हबेहतर एयर कनेक्टिविटी, आसान वीजा प्रक्रिया और ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म ने छोटे शहरों के लोगों को विदेश यात्रा के लिए तैयार किया है.

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गंतव्यों की बात करें तो दुबई छोटे शहरों के यात्रियों की पहली पसंद बन चुका है. आसान वीजा, कम उड़ान समय और भारतीय माहौल इसकी बड़ी वजह है. इसके अलावा थाईलैंड, वियतनाम, बाली और मिडिल ईस्ट के देश भी खूब पसंद किए जा रहे हैं. ट्रैवल एक्सपर्ट्स बताते हैं कि टियर-2 शहरों से इन जगहों के लिए दो अंकों की ग्रोथ देखी जा रही है. बजट में विदेश घूमने का सपना अब इन शहरों के लोगों के लिए हकीकत बन चुका है.

कुल मिलाकर, छोटे शहरों के लोग कम खर्च नहीं कर रहे, बल्कि सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं. यही वजह है कि भारत की विदेश यात्रा और विदेशी मुद्रा की तस्वीर अब महानगरों से निकलकर छोटे शहरों के हाथ में जाती दिख रही है और यह बदलाव लंबे समय तक टिकने वाला लगता है.
 

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