रणथंभौर और सरिस्का में मोबाइल की 'नो एंट्री', रील बनाई तो होगी FIR

राजस्थान के सरिस्का और रणथंभौर टाइगर रिजर्व में अब रीलबाजों की खैर नहीं. जंगल सफारी के दौरान जेब से मोबाइल निकाला तो भारी जुर्माने के साथ FIR तक दर्ज हो सकती है.

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रील बनाने के चक्कर में जान का जोखिम नहीं, अब फोन होगा जमा (Photo: PTI) रील बनाने के चक्कर में जान का जोखिम नहीं, अब फोन होगा जमा (Photo: PTI)

हिमांशु शर्मा

  • नई दिल्ली ,
  • 20 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:31 PM IST

अगर आप राजस्थान के मशहूर सरिस्का या रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी है. अब जंगल की सैर के दौरान आप अपनी जेब से मोबाइल फोन नहीं निकाल पाएंगे. वन विभाग ने साफ कर दिया है कि जैसे ही आप सफारी वाली गाड़ी में बैठेंगे, आपको अपना मोबाइल फोन वहां मौजूद गाइड या ड्राइवर को सौंपना होगा.

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अगर कोई पर्यटक चोरी-छिपे मोबाइल का इस्तेमाल करता पकड़ा गया, तो उस पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि एफआईआर तक दर्ज की जा सकती है.  आखिर वन विभाग को इतना सख्त फैसला क्यों लेना पड़ा और अब जंगल में एंट्री के नियम किस तरह बदल गए हैं.

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दरअसल, सरिस्का और रणथंभौर दोनों ही जगहें बाघों के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती हैं और यहां हर साल लाखों पर्यटक पहुंचते हैं. लेकिन पिछले कुछ समय से यहां एक अजीब सा चलन देखने को मिल रहा था. लोग जंगल की शांति का मजा लेने के बजाय मोबाइल से रील बनाने और फोटो खींचने में ज्यादा व्यस्त रहते थे. यही नहीं, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के चक्कर में कई पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालकर बाघों के बिल्कुल करीब चले जाते थे.

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इससे न केवल पर्यटकों की जान को खतरा रहता था, बल्कि वन्यजीवों की प्राइवेसी में भी खलल पड़ता था. मोबाइल के शोर-शराबे और लोगों की हरकतों से जानवर परेशान होने लगे थे. इतना ही नहीं, फोटो खींचने की होड़ में कई बार सफारी गाड़ियां एक ही जगह जमा हो जाती थीं, जिससे जंगल का रास्ता जाम हो जाता था. इसी को देखते हुए कोर्ट ने सख्त गाइडलाइन जारी की, जिसके बाद वन विभाग ने यह बड़ा कदम उठाया है.

गाइड के पास जमा होगा फोन, सिर्फ कैमरे को इजाजत

सरिस्का के सीसीएफ संग्राम सिंह ने बताया कि अब सफारी के समय जिप्सी या कैंटर में बैठने के बाद पर्यटकों को अपने मोबाइल टूरिस्ट गाइड या ड्राइवर को देने होंगे. वो इन फोनों को अपने पास एक सुरक्षित बॉक्स में रखेगा और सफारी पूरी होने के बाद ही पर्यटकों को उनके फोन लौटाए जाएंगे.

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खास बात यह है कि पर्यटकों को अपने साथ प्रोफेशनल डिजिटल कैमरा (DSLR) ले जाने की अनुमति रहेगी. यानी अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो आप बड़े कैमरे से तस्वीरें खींच सकते हैं, लेकिन मोबाइल फोन पूरी तरह 'नो-एंटी' जोन में रहेगा. इसके अलावा, विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर कोई मोबाइल छिपाकर ले जाता है और इस्तेमाल करते हुए पाया जाता है, तो उस पर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
 

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