टूरिस्टों की बदतमीजी से परेशान जापान, माउंट फूजी का 'चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल' रद्द

जापान के माउंट फूजी से एक ऐसी खबर आई है, जिसने दुनिया भर के सैलानियों को मायूस कर दिया है. जहां बसंत की शुरुआत के साथ गुलाबी फूलों की चादर बिछने वाली थी, वहीं प्रशासन ने एक ऐसा कड़ा फैसला लिया है, जिसने 10 साल पुरानी परंपरा पर ब्रेक लगा दिया है.

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इस साल चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल में पसरा रहेगा सन्नाटा (Photo: Pexels) इस साल चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल में पसरा रहेगा सन्नाटा (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:04 PM IST

जापान की पहचान और दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र माउंट फूजी इन दिनों अपनी खूबसूरती नहीं, बल्कि बेकाबू भीड़ की वजह से चर्चा में है. इसकी एक बड़ी वजह जापानी मुद्रा येन की गिरती कीमत है, जिसने विदेशी सैलानियों के लिए जापान घूमना सस्ता कर दिया है.

लेकिन यही सस्ती सैर अब स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बन गई है. पर्यटकों के भारी हुजूम और उनकी खराब हरकतों से परेशान होकर प्रशासन ने इस साल के मशहूर 'चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल' को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है. स्थानीय संसाधनों और नागरिकों की शांति की रक्षा के लिए प्रशासन को अपने इस 10 साल पुराने उत्सव की बलि देनी पड़ी है.

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जापान टाइम्स के मुताबिक, जापान के यामानाशी प्रांत में स्थित फुजियोशिदा शहर हर साल करीब 2 लाख लोगों की मेजबानी करता है. यहां के हफ्तों तक चलने वाले चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल में लोग गुलाबी फूलों के बीच से माउंट फूजी का दीदार करने आते हैं. लेकिन प्रशासन का कहना है कि अब यह भीड़ स्थानीय निवासियों के शांतिपूर्ण जीवन के लिए खतरा बन गई है. 2025 में रिकॉर्ड 4.27 करोड़ पर्यटक जापान पहुंचे, जिससे संसाधनों पर दबाव बढ़ गया और स्थानीय नागरिकों की गरिमा पर बात आ गई.

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पर्यटकों की बदसलूकी ने बढ़ाया गुस्सा

फुजियोशिदा के मेयर शिगेरू होरियुची के मुताबिक, माउंट फूजी के सुंदर नजारों के पीछे एक कड़वी हकीकत छिपी है. विदेशी पर्यटकों की भारी आमद की वजह से सड़कों पर घंटों ट्रैफिक जाम रहता है और हर जगह सिगरेट के टुकड़े बिखरे मिलते हैं. हद तो तब हो गई जब नागरिकों ने अपने निजी बगीचों में पर्यटकों के अतिक्रमण और खुले में शौच तक की शिकायतें दर्ज कराईं. इसी संकट को देखते हुए मेयर ने साफ कहा कि नागरिकों के जीवन स्तर की रक्षा के लिए इस महोत्सव को समाप्त करना ही एकमात्र विकल्प बचा था.

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सिर्फ फुजियोशिदा ही नहीं, पूरे जापान में ओवर-टूरिज्म

भीड़ की यह समस्या सिर्फ माउंट फूजी तक सीमित नहीं है. क्योटो जैसे ऐतिहासिक शहरों में भी पर्यटकों द्वारा गीशा कलाकारों को परेशान करने और फोटो के लिए उनके पीछे भागने की खबरें आम हो गई हैं. स्थिति इतनी गंभीर है कि प्रशासन ने कुछ जगहों पर फोटो खींचने से रोकने के लिए बड़े-बड़े बोर्ड लगा दिए हैं और पैदल यात्रियों पर एंट्री फीस लगाने के साथ-साथ पर्यटकों की दैनिक संख्या भी सीमित कर दी है.

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फेस्टिवल रद्द, पर खतरा अभी टला नहीं

प्रशासन ने महोत्सव तो रद्द कर दिया है, लेकिन बसंत ऋतु शुरू होने के साथ ही अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है. प्रशासन को अंदेशा है कि आयोजन रद्द होने के बावजूद लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचेंगे. माउंट फूजी, चेरी ब्लॉसम के पेड़ों और पांच मंजिला पैगोडा का नजारा देखने के लिए पार्क में भीड़ बढ़ने की पूरी संभावना है. प्रशासन अब इन पर्यटकों को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों और कड़े नियमों की तैनाती पर विचार कर रहा है, ताकि कुदरत के संरक्षण और नागरिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाया जा सके.
 

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