Tirumala Venkateswara Temple Travel Guide: हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने अपने बर्थेडे पर आंध्र प्रदेश में स्थित तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर के दर्शन करने पहुंची थी. स्टारकिड ने नंगे पैर हजारों सीढ़ियां चढ़कर पहुंचीं और भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए.उनकी इस आध्यात्मिक यात्रा की सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हुई थी और इसके साथ ही साउथ इंडिया में सिर्फ तिरुपति मंदिर के बारे में जानने वाले लोगों को भगवान वेंकटेश्वर के खास तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर के बारे में पता चला. वैसे तो यह मंदिर केवल दक्षिण भारत ही नहीं बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है. अगर आप भी यहां दर्शन के लिए जाना चाहते हैं, तो जानिए तिरुपति होते हुए इस पवित्र धाम तक आसानी से कैसे पहुंचा जा सकता है.
आंध्र प्रदेश में स्थित तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर दुनिया के सबसे मशहूर और धनी मंदिरों में से एक माना जाता है. यहां भगवान वेंकटेश्वर, जिन्हें बालाजी और श्रीनिवास के नाम से भी जाना जाता है, उनकी पूजा की जाती है. बालाजी के दर्शन के लिए हर साल करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं, तिरुमाला की पहाड़ियों पर बना यह मंदिर धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपनी नेचुरल ब्यूटी के लिए भी पर्यटकों के बीच काफी चर्चित है.
तिरुमाला मंदिर के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट तिरुपति एयरपोर्ट है, जो मंदिर से करीब 40 किलोमीटर दूरी पर स्थित है. दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से यहां के लिए नियमित फ्लाइट्स मौजूद रहती हैं. एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद श्रद्धालु टैक्सी, कैब या बस के जरिए आसानी से तिरुपति शहर पहुंच सकते हैं और वहां से तिरुमाला की ओर आगे की यात्रा कर सकते हैं.
अगर आप ट्रेन से तिरुमाला मंदिर जाने के बारे में सोच रहे हैं तो आपके लिए तिरुमाला रेलवे स्टेशन सबसे नजदीकी स्टेशन है. यह देश के कई प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. इसके अलावा रेनिगुंटा जंक्शन भी एक अहम रेलवे स्टेशन है, जो तिरुपति से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. स्टेशन से बाहर निकलते ही बस, टैक्सी और अन्य लोकल ट्रांसपोर्ट आसानी से मिल जाते हैं, जिनकी मदद से यात्री तिरुमाला पहुंच सकते हैं.
अपने-अपने शहर से तिरुपति शहर पहुंचने के बाद बाय रोड़ भी मंदिर जा सकते हैं, शहर से मंदिर की दूरी लगभग 22 किलोमीटर है और यह रास्ता खूबसूरत पहाड़ियों से होकर गुजरता है. आंध्र प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (APSRTC) की बसें 24 घंटे चलती हैं और ये बसें सुरक्षित और किफायती मानी जाती हैं. आप इस सफर में बिल्कुल भी बोर नहीं होंगे, क्योंकि हरियाली और घाटी का शानदार नजारा आपको देखने को मिलेगा.
श्रद्धालु अपनी आस्था के कारण अलिपिरी और श्रीवारी मेट्टू के पैदल रास्तों से हजारों सीढ़ियां चढ़कर तिरुमाला पहुंचते हैं, जैसे एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने किया था. इन रास्तो पर यात्रियों की सुविधा के लिए विश्राम, पानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
तिरुमाला में दर्शन के लिए भीड़ से बचने हेतु TTD की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से एडवांस बुकिंग करना सबसे बेहतर रहता है. त्योहारों और छुट्टियों के दौरान होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पहले से योजना बनाना एक समझदारी वाला फैसला हो सकता है.
विश्वरूपम और विशेष पूजा के आधार पर तिरुमाला में दर्शन का समय बदलता रहता है, लेकिन सामान्यतः सर्वदर्शन के लिए द्वार 24 घंटे खुले रहते हैं.
तिरुमाला में VIP दर्शन के लिए एक दिन पहले सिफारिश पत्र के साथ आधार कार्ड जमा करना होता है, जिसकी टिकट 500 रुपये है. इसकी मुख्य श्रेणियों (L1, L2, L3) के आधार पर दर्शन का समय और प्राथमिकता तय की जाती है.
नियमों की बात करें तो मंदिर में पुरुषों के लिए धोती/कुर्ता और महिलाओं के लिए साड़ी/सूट और परिसर के भीतर मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक चीजें ले जाना पूरी तरह मना है.
अगर आप मंदिर के नियमों के अनुसार कपड़े ले जाना भूल गए हैं, तो तिरुमाला पहाड़ी और तिरुपति शहर के बाजारों से आसानी से धोती या दुपट्टा खरीद सकते हैं.
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