प्रयागराज जाने पर भीड़ में न हों परेशान, जानें संगम तक पहुंचने के सबसे सस्ते रास्ते

प्रयागराज मेले की दिव्यता का अनुभव तभी संभव है जब आपकी यात्रा योजनाबद्ध और सरल हो. भारी भीड़ और ट्रैफिक के बीच सही परिवहन का चुनाव न केवल आपका समय बचाता है, बल्कि पैदल चलने की थकान को भी कम कर देता है.

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मुख्य स्नान के दिन पार्किंग और पैदल दूरी का रखें ध्यान (Photo: AP) मुख्य स्नान के दिन पार्किंग और पैदल दूरी का रखें ध्यान (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 23 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:54 AM IST

प्रयागराज की पावन धरती पर कदम रखते ही हर श्रद्धालु का एक ही लक्ष्य होता है त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाना. लेकिन शहर से मेला क्षेत्र तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है. आपके रुकने की जगह से संगम की दूरी 5 से 15 किलोमीटर तक हो सकती है. ऐसे में भीड़भाड़ और ट्रैफिक के बीच सही वाहन चुनना बहुत जरूरी है. दरअसल, अगर आप सही प्लानिंग के साथ नहीं निकलेंगे, तो पैदल चलने की दूरी काफी बढ़ सकती है. तो चलिए जानते हैं प्रयागराज मेले में आवाजाही के सबसे आसान और सस्ते तरीके क्या हैं.

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शटल बस बनाम निजी वाहन

प्रयागराज मेला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष शटल बसें चलाई जाती हैं. यही नहीं, ये बसें शहर के प्रमुख चौराहों से मेला क्षेत्र तक जाती हैं और इनका किराया भी काफी कम (₹10 से ₹20) रखा गया है. अगर आप ट्रैफिक से बचना चाहते हैं, तो सुबह 4 से 6 बजे के बीच निकलना सबसे मुफीद होगा. सुबह 8 बजे के बाद सड़कों पर भीड़ बढ़ जाती है, जिससे सफर में काफी समय लग सकता है. खास बात यह है कि यदि आप अपनी निजी कार से आ रहे हैं, तो आम दिनों में आप मेला क्षेत्र के काफी करीब तक जा सकते हैं. लेकिन ध्यान रहे, मुख्य स्नान पर्वों पर वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया जाता है. ऐसे में आपको गाड़ियां पार्किंग में खड़ी कर काफी लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ सकती है.

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मोलभाव के साथ करें ऑटो और रिक्शा की सवारी

प्रयागराज में ऑटो-रिक्शा सबसे सुलभ साधन हैं, लेकिन मेले के दौरान इनके रेट थोड़े अलग हो सकते हैं. ड्राइवर मीटर के बजाय फिक्स किराया मांगते हैं, जो ₹100 से ₹300 तक हो सकता है. लिहाजा, बेहतर होगा कि आप पहले से ही किराया तय कर लें या साझा ऑटो (Shared Auto) का विकल्प चुनें, जो काफी सस्ता पड़ता है. भीड़ बढ़ने पर पुलिस ऑटो को एक तय पॉइंट पर ही रोक देती है, जिसके बाद आपको पैदल ही जाना होगा. हालांकि, संकरी गलियों के लिए साइकिल रिक्शा या ई-रिक्शा सबसे बेहतरीन विकल्प हैं. यही नहीं, ये रिक्शा पर्यावरण के अनुकूल तो हैं ही, साथ ही आपको उन जगहों तक पहुंचा देते हैं जहां बड़ी गाड़ियां नहीं जा पातीं. छोटी दूरी के लिए इनका किराया ₹20 से ₹50 के बीच रहता है. संगम की ओर जाने वाली संकरी सड़कों पर इनका सफर काफी आरामदायक होता है.
 

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