भीड़ की नो टेंशन! जानें कैसे लें दिल्ली के स्ट्रीट फूड का असली मजा

दिल्ली की स्ट्रीट फूड मार्केट्स अपने स्वाद के लिए मशहूर हैं, लेकिन यहां की भीड़ अक्सर लोगों को असहज कर देती है. अगर सही समय और सही प्लानिंग के साथ जाएं तो इस भीड़भाड़ के बीच भी आराम से लजीज खाने का आनंद लिया जा सकता है.

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दिल्ली की गलियों का असली जायका (Photo: Pixabay) दिल्ली की गलियों का असली जायका (Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:28 PM IST

दिल्ली का दिल उसकी सड़कों पर बिकने वाले जायके में धड़कता है. कोई इसे फूड कैपिटल कहता है तो कोई चटोरों का शहर. लेकिन इस स्वाद तक पहुंचने का रास्ता दिल्ली की उन तंग गलियों से होकर गुजरता है, जहां पैर रखने तक की जगह नहीं होती. अक्सर लोग भारी भीड़ और धक्का-मुक्की के डर से अपना मन मार लेते हैं. पर क्या आप जानते हैं कि थोड़ी सी प्लानिंग के साथ आप इन गलियों में बड़े आराम से घूम सकते हैं? तो चलिए जानते हैं कि दिल्ली की उन मशहूर मार्केट्स में बिना खोए और बिना परेशान हुए आप पेट भर लजीज खाना कैसे खा सकते हैं.

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वक्त का सही चुनाव है असली 'सीक्रेट'

अगर आप सुकून से अपनी प्लेट का आनंद लेना चाहते हैं, तो घड़ी की सुइयों पर नजर रखें. चांदनी चौक या जामा मस्जिद जाने का सबसे सुनहरा समय सुबह 10 से 11 बजे के बीच का है. इस समय दुकानदार अपनी भट्टियां सुलगा रहे होते हैं, शोर कम होता है और आपको अपनी बारी का घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता. क्योंकि, दोपहर ढलते ही यहां इतनी भीड़ हो जाती है कि निकलना मुश्किल हो जाता है, इसलिए समय से थोड़ा पहले पहुंचना ही समझदारी है.

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भीड़ से बचने की जादुई चाबी मेट्रो

अपनी गाड़ी लेकर पुरानी दिल्ली जाने का मतलब है आधा वक्त जाम में और आधा पार्किंग ढूंढने में बर्बाद करना. अगर आप बिना किसी टेंशन के सीधे खाने के अड्डों तक पहुंचना चाहते हैं, तो दिल्ली मेट्रो से बेहतर कुछ नहीं. यह आपको सीधा मार्केट के गेट पर उतारेगी और आप बिना थके अपने सफर की शुरुआत कर सकेंगे.

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स्ट्रीट फूड की दुनिया का एक सीधा सा नियम है, जहां भीड़ ज्यादा है, वहां का माल ताजा है. अगर किसी स्टॉल पर लोगों की कतार लगी है, तो समझ लीजिए वहां खाना हाथों-हाथ बिक रहा है और कुछ भी बासी होने की गुंजाइश नहीं है. खाली दुकानों से परहेज करें, क्योंकि वहां रखा खाना कब का बना है, इसकी कोई गारंटी नहीं होती.

सेहत का स्मार्ट इंतजाम

स्वाद के बीच बीमारी न आ जाए, इसके लिए बस दो-तीन चीजें ध्यान रखें. अपने साथ हमेशा सैनिटाइजर रखें क्योंकि गलियों में हाथ धोने की अच्छी जगह मिलना मुश्किल है. हमेशा बोतल बंद पानी ही पिएं और चटनी का इस्तेमाल थोड़ा सोच-समझकर करें. कोशिश करें कि तंदूरी मोमोज, कबाब या गर्मागर्म छोले-भटूरे जैसी चीजें ही खाएं, क्योंकि आग पर तैयार खाना हमेशा सुरक्षित होता है.

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कहां मारें स्वाद का छक्का?

नॉनवेज के शौकीन हैं तो जामा मस्जिद की गलियां आपका इंतजार कर रही हैं. अगर बजट में रहकर कुछ अलग ट्राई करना है, तो मजनू का टीला के तिब्बती जायके आपको दीवाना बना देंगे. वहीं लाजपत नगर और चांदनी चौक की चाट तो सदियों से लाजवाब है ही. बस बारिश के मौसम में थोड़ा संभलकर रहें, बाकी दिल्ली का हर कोना आपका स्वागत करने के लिए तैयार है.
 

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