स्लो हो गया है आपका टीवी? जानिए अपने स्मार्ट टीवी को सुपर फास्ट बनाने की सीक्रेट ट्रिक

स्मार्ट टीवी स्लो होना आम बात है. कई बार लोगों को लगता है कि टीवी पुराना हो गया और स्लो हो गया तो बदल लेना चाहिए. लेकिन कई बार कुछ सेटिंग्स में बदलाव करके आप अपने स्मार्ट टीवी को फास्ट बना सकते हैं.

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Smart TV स्लो हो सकता है, ऐसे करें फास्ट (Photo: ITG) Smart TV स्लो हो सकता है, ऐसे करें फास्ट (Photo: ITG)

मुन्ज़िर अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:36 PM IST

घर में स्मार्ट टीवी होना अब आम बात हो गई है लेकिन दो तीन साल पुराने होते ही कई टीवी स्लो होने लगते हैं.  ऐप्स खुलने में समय लगता है, रिमोट दबाने पर रिस्पॉन्स देर से आता है और कभी कभी टीवी हैंग होकर वहीं अटक जाता है.

लोग मान लेते हैं कि टीवी पुराना हो गया है और अब इसका कुछ नहीं किया जा सकता. लेकिन अगर आप थोड़ा सा टाइम निकाल कर कुछ बदलाव करें तो यो प्रॉब्लम सॉल्व हो सकती है. 

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ज्यादातर मामलों में थोड़ी सी सफाई, सेटिंग में बदलाव और सही इस्तेमाल से पुराने स्मार्ट टीवी की स्पीड काफी हद तक वापस लाई जा सकती है. नए टीवी खरीदने के खर्चे से भी आप बच सकते हैं. 

स्टोरेज की दिक्कत

सबसे पहली दिक्कत स्टोरेज भर जाने से आती है क्योंकि स्मार्ट टेलीविजन में मोबाइल फोन की तरह लिमिटेड मेमोरी होती है और समय के साथ ऐप्स, कैश फाइल्स और बैकग्राउंड डेटा जमा होता रहता है. आम तौर पर स्टोरेज फोन की तरह ज्यादा नहीं होती है. 

जब स्टोरेज लगभग फुल हो जाती है तो सिस्टम स्लो हो जाता है और ऐप क्रैश करने लगते हैं. टीवी की सेटिंग्स में जाकर गैरजरूरी ऐप्स को हटाना और कैश क्लियर करना टीवी की स्पीड को तुरंत बेहतर कर सकता है और कई बार हैंग होने की समस्या भी यहीं खत्म हो जाती है.

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टीवी अपडेट को ना करें इग्नोर

पुराने Smart TV में एक और बड़ी वजह सॉफ्टवेयर अपडेट का मिस होना होता है. लोग अक्सर टीवी को इंटरनेट से कनेक्ट तो रखते हैं लेकिन सिस्टम अपडेट नजरअंदाज कर देते हैं.

टीवी कंपनियां अपडेट में परफॉर्मेंस सुधार, बग फिक्स और सिक्योरिटी पैच देती हैं जिससे स्लोनेस और ऐप क्रैश की दिक्कत कम होती है.

अगर टीवी लंबे समय से अपडेट नहीं हुआ है तो अचानक से ऐप स्लो लगना और हैंग होना आम बात है क्योंकि नए ऐप वर्जन पुराने सिस्टम के साथ ठीक से तालमेल नहीं बैठा पाते

इंटरनेट कनेक्शन भी करें चेक

स्मार्ट टेलीविजन की स्पीड पर इंटरनेट कनेक्शन का असर भी सीधे पड़ता है. कई बार टीवी स्लो नहीं होता बल्कि वाई फाई स्लो होता है जिसकी वजह से नेटफ्लिक्स, यूट्यूब या ओटीटी ऐप्स हैंग होते नजर आते हैं.

राउटर टीवी से बहुत दूर रखा हो या बीच में दीवारें ज्यादा हों तो सिग्नल कमजोर हो जाता है. ऐसे में टीवी को स्लो मान लिया जाता है जबकि असल समस्या नेटवर्क की होती है. टीवी के पास राउटर रखना या 5GHz बैंड का इस्तेमाल करना स्ट्रीमिंग को काफी स्मूद बना सकता है

अनयूज्ड ऐप्स हटा दें

बहुत से लोग स्मार्ट टीवी में ढेर सारे ऐप इंस्टॉल कर लेते हैं जिनका इस्तेमाल महीनों तक नहीं होता. ये ऐप्स बैकग्राउंड में अपडेट होते रहते हैं और सिस्टम रिसोर्स खाते रहते हैं जिससे टीवी की रैम पर दबाव बढ़ता है.

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कम रैम वाले पुराने टीवी में यह असर और ज्यादा दिखता है. गैर जरूरी ऐप्स हटाकर और ऑटो अपडेट को लिमिट करके टीवी का इंटरफेस ज्यादा फुर्तीला महसूस होने लगता है और रिमोट का रिस्पॉन्स टाइम भी बेहतर होता है. 

समय समय पर करें रीस्टार्ट

कई बार स्मार्ट टीवी को महीनों तक रीस्टार्ट नहीं किया जाता. लगातार स्टैंडबाय मोड में रहने से मेमोरी में टेंपररी फाइल्स जमा होती रहती हैं जो सिस्टम को भारी बना देती हैं.

हफ्ते में एक बार टीवी को पूरी तरह बंद करके कुछ मिनट बाद दोबारा चालू करने से सिस्टम फ्रेश स्टार्ट लेता है और हैंग होने की शिकायत कम हो जाती है. यह तरीका पुराने एंड्रॉयड टीवी (Android TV) और फायर टीवी (Fire TV) जैसे प्लेटफॉर्म पर ज्यादा असर दिखाता है.

टीवी में होता है क्लीनअप ऑप्शन 

स्मार्ट टीवी में स्मार्टफोन्स की तरह ही आपको क्लीनअप का ऑप्शन मिलेगा. अगल अलग मॉडल के हिसाब से ये बदलता भी है. लेकिन आप सेटिंग्स में जा कर चेक कर सकते हैं. यहां से स्टोरेज क्लियर करके आप रैम बूस्ट कर सकते हैं. 

अगर टीवी बहुत ज्यादा स्लो हो चुका है और बेसिक क्लीनअप से फर्क नहीं पड़ रहा तो फैक्ट्री रीसेट आखिरी उपाय बन सकता है.

फैक्ट्री रीसेट से टीवी बिल्कुल नए जैसा सॉफ्टवेयर स्टेट में लौट आता है और सालों की जमा गड़बड़ियां हट जाती हैं.

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हालांकि इसमें सभी ऐप्स, लॉगिन और सेटिंग दोबारा करनी पड़ती हैं इसलिए इसे आखिरी विकल्प के तौर पर देखना चाहिए. कई लोगों के लिए फैक्ट्री रीसेट के बाद टीवी फास्ट काम करने लगती है.

हार्डवेयर लिमिटेशन

हार्डवेयर लिमिट भी एक सच्चाई है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. पुराने स्मार्ट टीवी में प्रोसेसर और रैम नए ऐप्स और भारी इंटरफेस के लिए बने ही नहीं थे.

ऐसे में हर अपडेट के बाद टीवी थोड़ा और भारी होता चला जाता है. अगर टीवी रोजमर्रा के कामों में बहुत ज्यादा परेशान कर रहा है तो एक सस्ता स्ट्रीमिंग स्टिक या एंड्रॉयड टीवी बॉक्स लगाकर पुराने टीवी को नई जान दी जा सकती है.

इससे पुराने टीवी का डिस्प्ले इस्तेमाल में बना रहता है और स्मार्ट फीचर्स का बोझ बाहरी डिवाइस उठा लेता है

स्मार्ट टीवी का स्लो होना हमेशा हार्डवेयर खराब होने का संकेत नहीं होता. ज्यादातर मामलों में यह गलत इस्तेमाल, भरी हुई मेमोरी और पुराने सॉफ्टवेयर का नतीजा होता है.

थोड़ा सा मेंटेनेंस, सही नेटवर्क सेटअप और समझदारी से ऐप्स का इस्तेमाल पुराने स्मार्ट टीवी को भी लंबे समय तक चलने लायक बनाए रख सकता है और नया टीवी खरीदने का खर्च फिलहाल टल सकता है

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