झारखंड में पड़ रही भीषण गर्मी ने आम लोगों के साथ-साथ ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं. तेज धूप, लू और 40 से 44 डिग्री तक पहुंचते तापमान के बीच घंटों सड़क पर खड़े रहना आसान नहीं है. ऐसे हालात को देखते हुए रांची ट्रैफिक पुलिस ने इस बार एक नया और अलग कदम उठाया है.
पहली बार ट्रैफिक कांस्टेबल्स को कूलिंग जैकेट दी गई हैं, ताकि वे इस झुलसा देने वाली गर्मी में भी बिना ज्यादा परेशानी के अपनी ड्यूटी कर सकें. फिलहाल 5 जैकेट ट्रायल के तौर पर दी गई हैं और इन्हें पहनकर पुलिसकर्मी शहर के अलग-अलग चौराहों पर ट्रैफिक संभाल रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आगे और जवानों को भी ये सुविधा दी जाएगी.
इस बार जो कूलिंग जैकेट दी गई हैं, वो साधारण जैकेट नहीं हैं, बल्कि एक तरह का पोर्टेबल कूलिंग सिस्टम हैं. इसमें इनबिल्ट फैन लगा हुआ है, जो लगातार जैकेट के अंदर हवा को सर्कुलेट करता रहता है. इससे शरीर के आसपास ठंडी हवा बनी रहती है और पसीना जल्दी सूखता है, जिससे गर्मी का असर कम होता है.
खास बात यह है कि इस जैकेट को पावर बैंक से भी चलाया जा सकता है. एक बार फुल चार्ज करने के बाद यह करीब 8 घंटे तक लगातार काम कर सकती है, यानी पुलिसकर्मी अपनी पूरी शिफ्ट में इसे इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके साथ ही इसमें लगा कपड़ा SPF 50 की सुरक्षा देता है, जो तेज धूप से शरीर को बचाने में मदद करता है.
सुरक्षा के लिहाज से भी इसमें खास ध्यान रखा गया है. जैकेट पर रिफ्लेक्टिव रेडियम स्ट्रिप्स लगी हैं, जिससे रात के समय भी पुलिसकर्मी आसानी से दिखाई देते हैं और उनकी विजिबिलिटी बनी रहती है.
दरअसल, झारखंड के कई जिलों में इस समय तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है. पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे इलाकों में पारा 44 डिग्री तक जा रहा है. ऐसे में सड़क पर खड़े होकर काम करना बेहद मुश्किल हो जाता है और कई बार पुलिसकर्मियों की तबीयत भी बिगड़ जाती है.
गर्मी से राहत देने के लिए सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि सामाजिक संस्थाएं भी आगे आ रही हैं. रांची में मोबाइल ई-रिक्शा के जरिए सड़कों पर मुफ्त पानी बांटा जा रहा है, जिससे राहगीरों और स्कूली बच्चों को राहत मिल रही है और लोग डिहाइड्रेशन से बच पा रहे हैं.
वहीं, मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक हीट वेव का अलर्ट जारी किया है और 27 मई से पहले राहत मिलने की उम्मीद कम बताई है. इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को भी अलर्ट कर दिया है. हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए अलग से बेड और जरूरी सुविधाएं तैयार रखी गई हैं.
सत्यजीत कुमार